हिमालय प्रहरी

नैनीताल जिले में कक्षा एक से पांच तक प्राइवेट स्कूल से लेकर सरकारी स्कूलों तक में कुमाऊंनी पढ़ाना अनिवार्य होगा

खबर शेयर करें -

हल्द्वानी। नैनीताल जिले में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के पाठ्यक्रम में कुमाऊंनी भाषा को शामिल किया जाएगा। प्राइवेट स्कूल से लेकर सरकारी स्कूलों तक में कुमाऊंनी पढ़ाना अनिवार्य होगा।

डीएम ने जिले की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या के सामने यह प्रस्ताव रखा तो उन्होंने इस पर सहमति दे दी।
डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि नैनीताल कुमाऊंनी जिला है और अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए कक्षा एक से कक्षा पांच तक के पाठ्यक्रम में कुमाऊंनी को शामिल किया जाएगा। निजी स्कूलों में भी इसे लागू किया जाएगा। प्रभारी मंत्री रेखा आर्या की अध्यक्षता में हुई जिला योजना की बैठक में इसके लिए बजट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि कुमाऊंनी भाषा की पुस्तकें शिक्षा विभाग को जिला प्रशासन मुफ्त में मुहैया कराएगा। स्कूली बच्चों को ये किताब मुफ्त में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी शिक्षा सत्र से इसे लागू किया जाएगा। डीएम ने बताया कि प्रयोग सफल होने पर प्रभारी मंत्री ने इसे अन्य जिलों में भी लागू कराने का आश्वासन दिया है।

–येल हमरी भाषाक ले विकास होल–
कक्षा एक बटी पांच तक कुमाऊंनी भाषा पढ़ाई एक भौत भल प्रस्ताव छू। येल ननतिन आपुण भाषा क जान सकिल। उनकु आपुण संस्कृति क जाणनक मौक मिलौल। येल हमरी भाषाक लै विकास हौल।
-पीएस अधिकारी, प्रधानाचार्य, दि शिवालिक इंटरनेशनल।

स्कूलों में कुमाऊंनी भाषा पढ़ाये जाने का प्रस्ताव अच्छा है। इसका पूरा सिलेबस बनना चाहिए। कुुमाऊंनी भाषा के ज्ञान से बच्चे अपनी संस्कृति से जुड़ेंगे। उन्हें अपनी मातृभाषा का ज्ञान होगा।
-डीके पंत, प्रधानाचार्य एमबी इंटर कॉलेज।

प्राइवेट स्कूलों में कुमाऊंनी भाषा का पाठ्यक्रम होने से बच्चों को अपनी मातृभाषा जानने का मौका मिलेगा। आधुनिकता की दौड़ में बच्चे अपनी संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं। यह एक सराहनीय पहल है। इससे कुमाऊंनी संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
-प्रवींद्र रौतेला, प्रधानाचार्य, सिंथिया।

Exit mobile version