हल्द्वानी में हनुमान चालीसा के पाठ पर विवाद: एसएसपी से मिले दोनों पक्ष, अपनी-अपनी शर्तें रख पाठ जारी रखने का किया ऐलान

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हल्द्वानी। काठगोदाम थाना क्षेत्र अंतर्गत शीशमहल स्थित रामलीला मैदान में मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर बुधवार को एक पक्ष ने एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा, वहीं दूसरे पक्ष ने साफ कर दिया है कि वे पूर्व की भांति हर मंगलवार शाम को हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ जारी रखेंगे।
समिति का रुख: किसी के पाठ करने से आपत्ति नहीं, पर दुष्प्रचार न हो
युवा सामाजिक एवं सांस्कृतिक रामलीला समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि समिति रामलीला मैदान की व्यवस्थाओं से जुड़ी है और उसने भी मंगलवार से मैदान में हनुमान चालीसा का पाठ शुरू किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी अन्य पक्ष के पाठ करने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन दूसरा पक्ष समिति के खिलाफ भ्रामक प्रचार न करे। वार्ता के दौरान दिनेश फुलारा, एनडी तिवारी, गिरीश चंद्र तिवारी, जगदीश प्रसाद गौड़, मोहन अधिकारी और केशव दत्त तिवारी सहित कई लोग मौजूद रहे।
दूसरा पक्ष बोला: 5 साल से जारी है पाठ, आगे भी तय समय पर होगा आयोजन
दूसरी ओर, दूसरे पक्ष के प्रतिनिधि पंकज खत्री ने कहा कि वे पिछले लगभग पांच वर्षों से रामलीला मैदान में नियमित रूप से शाम के समय हनुमान चालीसा का पाठ करते आ रहे हैं और अब तक 253 सामूहिक पाठ पूरे कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि वे आगे भी प्रत्येक मंगलवार को शाम 4:30 बजे से 6:30 बजे तक ही पाठ का आयोजन करेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि दूसरा पक्ष अपनी इच्छानुसार किसी भी अन्य समय पर पाठ कर सकता है।
मंगलवार को दो घंटे तक हुआ था हंगामा, एसएसपी ने दी चेतावनी
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को दोनों पक्ष एक ही स्थान और समय पर पाठ करने को लेकर आमने-सामने आ गए थे, जिससे मैदान में करीब दो घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही थी। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों ने मैदान के अलग-अलग कोनों में बैठकर पाठ संपन्न किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों पर किसी प्रकार की रोक या आपत्ति नहीं है और लोग पूर्व की भांति पाठ कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि धार्मिक कार्यक्रमों की आड़ में जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश या शहर की कानून व शांति व्यवस्था में खलल डालने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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