और खत्म हुआ इंतजार.. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ आखिरकार कई सालों के बाद अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे। बीते सवा पांच साल से वो शख्स देश-दुनिया में छाया रहा, लेकिन बुजुर्ग मां की आंखें पल-पल बेटे की राह निहारती रही। एक लंबे इंतजार के बाद ही सही मंगलवार को आखिरकार वो भावुक क्षण आ गया।
पहाड़ के एक आम गांव में बैठी बजुर्ग मां ने दुनिया के लिए बड़ा नाम हो चुके अपने लाल को गले से लगाकर जी भर कर लाड़ दिया। भावुक योगी एक पल मां को निहारते रहे। योगी इससे पहले 2017 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अपने घर आए थे। यमकेश्वर में भाजपा प्रत्याशी ऋतु खंडूडी के लिए चुनावी जनसभा को संबोधित करने के बाद 11 फरवरी 2017 को योगी ने रात अपने घर पर बिताई थी।
बतौर सीएम पहले कार्यकाल में 84 वर्षीय मां सावित्री देवी भी लखनऊ सीएम आवास में गई थीं। लेकिन इसके बाद मां और बेटे का मिलन नहीं हो पाया। यूपी में दोबारा सरकार बनाने के तत्काल बाद सीएम योगी ने मां से मिलने की इच्छा व्यक्त की थी। वहीं, 84 वर्षीय मां सावित्री देवी भी बेटे योगी के घर आकर मिलने का लंबे समय से इंतजार कर रही थीं।
आखिरकार वो घड़ी मंगलवार शाम को आ गई। पांच साल दो महीने और पांच दिन बाद योगी गांव आए। वह पिता के निधन के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव पहुंचे हैं। उनके स्वागत के लिए गांव ही नहीं पूरे परिवार, नाते रिश्तेदार और क्षेत्र के लोग यहां पहुंचे थे। घर में योगी आदित्यनाथ के लिए पहाड़ी व्यंंजन भी बनाए गए हैं।
यूपी सीएम योगी अपने निजी तीन दिनी दौरे पर उत्तराखंड आए हुए हैं। योगी रात्रि विश्राम अपने घर पर ही करेंगे। वह कल 04 मई को अपने छोटे भाई महेंद्र सिंह बिष्ट के बेटे के मुंडन कार्यक्रम में शामिल होंगे। योगी चार मई को भी यमकेश्वर में ही रहेंगे। पांच मई को यूपी पर्यटन विभाग के हरिद्वार में बने अलकनंदा होटल का शुभारंभ करेंगे।
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