
सोमवार को अवकाश होने के बाद भी डाकघर खुले रहे। प्रधान डाकघर से 24 डाकियों ने सुबह सात बजे से शहरभर में रहने वाले भाइयों तक राखी पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन अधूरे और गलत पते ने 32 राखियों को भाइयों तक पहुंचने ही नहीं दिया। डाकिए राखियों के लिफाफे पर लिखे पते पर घंटियां बजाते रहे, लेकिन कहीं घर पर कोई नहीं मिला तो कहीं पते में घर और कॉलोनी का नाम सही नहीं मिलने के कारण वापस इन लिफाफों को बांटा नहीं जा सका।
डाकपाल गौरव जोशी ने बताया कि रक्षाबंधन पर भाईयों को राखी पहुंचाने के लिए सुबह सात बजे से 36 डाक कर्मियों ने 1799 राखी के लिफाफों बांटने के लिए तैयार किया था लेकिन 32 लिफाफे रक्षाबंधन पर भी वापस आ गए। कहा कि नैनीताल परिमंडल के सभी डाकघरों से वापस लौटी राखियों को प्रधान डाकघर में इकठ्ठा किया जाएगा। सप्ताहभर में भेजने वाली बहनों या भाईयों की ओर से पूछताछ नहीं करने के बाद इन्हें लखनऊ आरएलओ भेज दिया जाएगा।
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