बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग और मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित वन संरक्षण नियम 2022 को रद्द करने की मांग पर 15 नवंबर को लालकुआं में जुलूस प्रदर्शन किया जायेगा
भाकपा (माले) की बिंदुखत्ता एरिया कमेटी की बैठक पार्टी कार्यालय दीपक बोस भवन बिंदुखत्ता में सम्पन्न हुई. मीटिंग को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के राज्य सचिव कामरेड राजा बहुगुणा ने कहा कि,”मोदी सरकार देश के सारे सार्वजनिक संस्थानों को बड़े कॉरपोरट के हवाले करने के बाद देश के वनों को पूंजीपतियों की लूट के लिए खोलने और वनों में रहने वाले लोगों को वनभूमि से बेदखल करने के लिए वन संरक्षण नियम-2022 का प्रस्ताव संसद में लेकर आयी है.
बिंदुखत्ता वासियों, गोठ खत्तावासियों, गुर्जर जैसे वन भूमि पर रहने वाले लोगों के लिए यह खतरे की घंटी है.”
उन्होंने कहा कि, “75 साल की आजादी के बाद भी खत्तावासी अभी भी मूलभूत नागरिक अधिकारों से वंचित हैं. बिंदुखत्ता वासियों को किया गया राजस्व गांव का वादा भाजपा सरकार द्वारा पूरा नहीं किया गया और अब केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित वन संरक्षण नियम 2022 लाकर यहां के अस्तित्व को ही संकट में डाल रही है.”
कामरेड राजा बहुगुणा ने कहा कि,”किसानों ने जिस तरह लंबे संघर्ष और आंदोलन के बूते तीन कृषि कानूनों को वापस कराया उसी तरह आदिवासी वनवासी खत्तावासी भी पूरे देश में आंदोलन के बल पर वन संरक्षण नियम 2022 को वापस कराकर ही दम लेंगे.”
आगामी 15 नवंबर को पूरे देश में वन संरक्षण नियम 2022 के खिलाफ किसानों के संयुक्त प्रदर्शन को अखिल भारतीय किसान महासभा द्वारा समर्थन करते हुए बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग और मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित वन संरक्षण नियम 2022 को रद्द करने की मांग पर 15 नवंबर को लालकुआं में जुलूस प्रदर्शन किया जायेगा.
मीटिंग में राज्य सचिव कामरेड राजा बहुगुणा के अतिरिक्त जिला सचिव डॉ कैलाश पांडेय, ललित मटियाली, विमला रौथाण, चन्दन राम, नैन सिंह कोरंगा, किशन बघरी, कमल जोशी, धीरज कुमार, हरीश चंद्र सिंह भंडारी, निर्मला शाही, प्रमोद कुमार आदि शामिल रहे.
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