ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर में में एस्कार्ट सर्विस मसाज सेंटर के नाम पर देह व्यापार कर रहीं दो महिलाओं समेत तीन बांग्लादेशियों को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों की पहचान जिला मांगोरा बांग्लादेश निवासी साथी खातून, विष्टी राय व अनिल मलिक के रूप में हुई। मामले की जांच पड़ताल में खाकी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
सवाल उत्तराखंड पुलिस पर ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस पर भी उठ रहे हैं। बांग्लादेशी महिला साथी खातून के स्थायी पते के सत्यापन में ग्राम प्रधान ने पुलिस के साथ खेल कर दिया। प्रधान ने बांग्लादेशी साथी खातून को गांव का मूल निवासी बताकर पुलिस को पत्र थमा दिया। जबकि साथी 2018 में बांग्लादेश से आई थी। यह पर्दाफाश रुद्रपुर में देह व्यापार पकड़ने के बाद हुआ है।
ट्रांजिट कैंप में किराये पर रहने वाले अनिल मलिक मूल रुप से ग्राम नगरिया खुर्द कला जिला पीलीभीत उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान से जब पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश के रूप में अलग देश बना तो लाखों हिंदू भारत में पलायन कर गए। इनमें अनिल मलिक के पूर्वज भी थे, जिन्हें नगरिया में जमीन सरकार ने दी थी। इसके बाद भी अनिल अपने मूल गांव से जुड़ा रहा।
2018 में अनिल को उसके चाचा का बंग्लादेश से फोन आया तो चाचा ने साथी खातून के बारे में बताया और कुछ काम दिलाने की बात की। बाद में साथी से बात कराई। इससे पहले ही अनिल की शादी शक्तिफार्म की युवती के साथ हो चुकी थी। वह रुद्रपुर में किराये के मकान पर रहने लगा और देह व्यापार का धंधा शुरू कर दिया। साथी उसी साल हावड़ा एयरपोर्ट से दिल्ली, फिर ग्राम नगरिया और फिर रुद्रपुर पहुंची।
अनिल ने अपना व साथी का पति-पत्नी के रूप में विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया। उसने मूल पता ग्राम नगरिया खुर्द कला पीलीभीत का दिया। अनिल ने ग्राम प्रधान से सेटिंग कर साथी खातून का स्थायी निवास भी बनवा लिया। रुद्रपुर एलआइयू ने यहां और नगरिया खुर्द कला के पते का सत्यापन उत्तर प्रदेश पुलिस ने किया।
हैरानी यह है कि जब अनिल ने साथी को पत्नी बताया था तो पुलिस को यह जानकारी जुटानी चाहिए थी कि आखिर साथी का मायका कहां पर है, मगर इसकी जहमत पुलिस ने नहीं उठाई। नगरिया के प्रधान ने भी यह नहीं सोचा कि जिस महिला का स्थायी प्रमाण पत्र वह बनाकर दे रहा है वह वास्तव में गांव में नहीं रही।
देह व्यापार में पकड़ी जा चुकी नेपाल, बांग्लादेश और थाइलैंड की युवतियां
ऊधम सिंह नगर में देह व्यापार का धंधा लगातार फैलता जा रहा है। लोकल के साथ ही दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बिहार, बंगाल, नागालैंड और मेघालय तथा उत्तर प्रदेश की युवतियों के साथ ही पुलिस नेपाल, बांग्लादेश और थाईलैंड की युवतियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं।
18 नवंबर 2017 को रुद्रपुर पुलिस ने पुलिस ने किच्छा रोड स्थित होटल में छापामार कार्रवाई करते हुए थाईलैंड की युवती समेत चार युवतियों के साथ ही होटल मैनेजर और स्पा मैनेजर को देह व्यापार कराने के जुर्म में गिरफ्तार किया था। उनके पास से सवा लाख रुपये और आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ था।
थाइलैंड की युवती छह महीने के टूरिस्ट वीजा पर आई थी और वह तीन महीने से होटल में रह रही थी। जबकि तीन जुलाई 2018 में ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने एक महिला और पुरुष के साथ बांग्लादेशी युवती को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में बांग्लादेशी युवती ने बताया कि वह जिला फूलन, शहर बायरा बांग्लादेश की रहने वाली है और ट्रांजिट कैंप निवासी ज्योति दास उसे बांग्लादेश बार्डर से अपने साथ लेकर आई थी।
यहां उसने उसे शक्तिफार्म निवासी मुकेश बाला को सौंप दिया। मुकेश ने उससे विवाह करने की बात कही और उसे ट्रांजिट कैंप स्थित अपने किराए के कमरे पर ले आया। ज्योति उसे मसाज पार्लर में काम दिलाने की बात कहकर अपने साथ लाई, लेकिन यहां पहुंचने के बाद ज्योति ने उससे देह व्यापार के लिए लाए जाने की बात कही।
मकान मालकिन को पत्नी दिखाकर बनाए कागजात
एसओजी प्रभारी भारत सिंह ने बताया कि पूछताछ में अनिल मलिक ने बताया कि वह मूलरूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। कई साल पहले वह रुद्रपुर आ गया था। इस दौरान उसने एस्कार्ट मसाज सर्विस सेंटर में काम किया। इसके बाद उसने अपना काम शुरू कर दिया। इसके लिए दिल्ली, पश्चिम बंगाल समेत अन्य जगहों से युवतियां लाकर इंटरनेट मीडिया के सहारे भेजने लगा।
इस बीच उसने एक मकान किराए पर लिया और मकान मालकिन को अपनी पत्नी दिखाकर उसने उसके घर के पते पर पासपोर्ट बनवा लिया। बाद में जब साथी खातून आई तो उसने उसे अपनी पत्नी दिखाकर उसका भी पासपोर्ट बनवा लिया। फिलहाल मकान मालकिन के दिल्ली में रहने की बात बताई जा रही है।
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