लालकुआं। अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सम्मेलन में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने, गोवंशीय पशुओं की राष्ट्रीय राजमार्ग में लगातार हो रही मौतों पर रोक लगाने समेत कई प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक में किसान महासभा का पुनर्गठन करते हुए विमला रौथाण को जिला अध्यक्ष और भुवन जोशी को जिला महामंत्री चुना गया।
सम्मेलन से उत्तराखंड में छोटी जोत वाले निम्न मध्यम, लघु और सीमांत किसानों के साथ ही भूमिहीन और बटाईदार किसानों, वन ग्रामों में रहने वाले किसानों, खत्तावासियों, पशुपालकों को संगठित कर किसानों की समस्याओं, मूलभूत सुविधाओं, नागरिक अधिकारों और शासक वर्ग की किसान, जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प लिया गया। सम्मेलन में तय किया गया कि किसानों पशुपालकों के हितों की रक्षा के लिये गोरक्षा कानून की समाप्ति के लिए आंदोलनात्मक पहल की जाएगी। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाए जाने के लिए संघर्ष को तेज किया जाएगा। खत्तावासियों और गूजरों को मूलभूत सुविधाएं और नागरिक अधिकारों को उपलब्ध कराने, बिंदुखत्ता में बिजली कनेक्शन के लिए दोहरा मापदंड अपनाने के खिलाफ और सभी के लिए बिजली पोल की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई। गौला नदी पर स्थायी तटबंध के लिए संगठन आंदोलन करेगा।
सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी, डॉ. कैलाश पांडेय, कमलेश, बहादुर सिंह जंगी, ललित मटियाली, किशन बघरी, मदन धामी, किशन सिंह जग्गी, आनंद गोपाल बिष्ट, आलमगीर, धीरज कुमार, दीप पाठक, चंद्रशेखर जोशी, पार्वती जग्गी, गंगा सिंह, सरिता जंगी, नीमा कोरंगा, मनोज जोशी, मनोहर शाह, शिव सिंह, चंदन सिंह, सरस्वती जीना, मनोज शाह, गुलाम रसूल, दीपक सिंह, बीना जग्गी, जानकी, देवकी, राजेंद्र शाह, भावना, दुर्गा, राजेंद्र सिंह आदि थे।