लालकुआं : पत्रकार के साथ धक्का मुक्की करने वाले दरोगा को एसएसपी ने कोतवाली लालकुआं से हटा दिया है। उन्होंने बताया कि इस घटना की जांच की जाएगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने नाराज पत्रकारों की नैनीताल की एसएसपी प्रीती प्रियदर्शनी से टेलीफोन पर वार्ता कराई। इसके बाद पत्रकारों ने कोतवाली में चल रहे धरने के समापन का ऐलान किय। उन्होंने धरने पर उन्हें समर्थन देने आने वाले सभी लोगों का आभार भी व्यक्त किया है।
बता दें कि कल उत्तराखंड के प्रमुख दैनिक समचार पत्र लालकुआं पत्रकार प्रकाश जोशी समाचार संकलन के लिये लालकुआं कोतवाली पहुंचे थे। जहां उपनिरीक्षक मुनव्वर हुसैन से किसी बात को लेकर उनकी कहासुनी शुरू हो गई। जिसके बाद दरोगा ने पत्रकार को अपमानित करते हुए धक्के देकर कोतवाली से बाहर निकाल दिया। जब जिसकी जानकारी जब लालकुआं के पत्रकारों को लगी तो सभी पत्रकार कोतवाली मे पहुँच गये और दरोगा को हटाये जाने की मांग करते हुए कोतवाली परिसर में दरी बिछा कर धरने पर बैठ गये ।
इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, कांग्रेसी नेता हरेंद्र बोरा, बीना जोशी, चेयरमैन लाल चंद्र सिंह, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती, विधायक प्रतिनिधि शैलेंद्र दुम्का, भाजपा नेता भरत नेगी, हेम दुर्गापाल, आप पार्टी के दीपक पांडे सहित तमाम राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कोतवाली पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
साथ ही धरने पर बैठने वालों में लालकुआं प्रेस क्लब अध्यक्ष बीसी भट्ट, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र पंत रमाकांत, वरिष्ठ पत्रकार उमेश राणा, अजय उप्रेती, रंजीत बोरा, शेलेन्द्र कुमार सिंह, प्रकाश जोशी, उमेश पन्त, गोपाल बोरा, मुन्ना अंसारी, सचिन गुप्ता, अभिषेक सिंह, शानू, मुकेश कुमार, गौरव सिंह, नन्दन राम आर्या, सतीश कुमार आदि पत्रकार मौजूद रहे ।
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