
लालकुआं: हल्दूचौड़ के तमाम कॉलोनियों में बंदरों का आतंक छाया हुआ है। कटखने बंदर रोजाना लोंगो को काट रहे है। ग्रामीणों द्वारा कई बार विधायक, ग्राम प्रधान समेत तमाम अधिकारियों से शिकायत कर समस्या के समाधान की मांग की है। लेकिन अभी तक समस्या के समाधान के लिए कोई कार्यवाही नही की जा जाती है।
हल्दूचौड़ के राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बमेटा बंगर खीमा ग्राम सभा में पिछले कई वर्षो से बंद पड़ी सोयाबीन फेक्ट्री का परिसर है। सरकार द्वारा यहां पर एफसीआई के अलावा कई कंपनियों का गोदाम बनाया है। जिसमें बाहर से आने वाले गेहू का भंडारण किया जाता है। इसके अलावा देख रेख नही होने के कारण परिसर का काफी हिस्सा जंगल मे तब्दील हो गया है।
जिसकारण यहां पर सैकडों बंदरो ने पिछले कई वर्षों से अपना अड्डा बनाया हुआ है। सोयाबीन फैक्ट्री के परिसर के आसपास शिवालिक पुरम आवासीय कॉलोनी, हर्ष विहार, शिवपुरी, इंद्रा आवास कालोनी, गोपीपुरम समेत बमेटा बंगर खीमा का ग्रामीण क्षेत्र भी है। सुबह होते ही बंदर भोजन की तलाश में सोयाबीन फैक्ट्री परिसर की आसपास की कॉलोनियों व ग्रामीण क्षेत्रों में चले जाते है। जिस कारण महिलाओं व बच्चों का बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। अब तक कटखने बंदर कई महिलाओं बच्चों को काट कर उन्हें घायल कर चुके हैं।
बंदरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों द्वारा कई बार विधायक नवीन दुम्का, ग्राम प्रधान पूजा दुम्का के साथ ही वन विभाग व प्रशासन के अधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग की जा चुकी है। लेकिन आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इधर मामले में ग्राम प्रधान पूजा दुम्का का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए वन विभाग के अधिकारियों से मांग की है। जल्द ही बंदरो को पकड़ने की कार्यवाही की जाएगी।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें