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10 करोड़ के बीमे के लिए रच दी जिंदा इंसान की मौत की साजिश! श्मशानघाट की फर्जी रसीद से खुला राज

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अमेरिका की बीमा रकम हासिल करने के लिए देहरादून में मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की कोशिश, चंद्रबनी श्मशानघाट के रिकॉर्ड में नहीं मिला अंतिम संस्कार का कोई सुराग; नगर निगम ने जारी किया नोटिस

राजू अनेजा, देहरादून।बीमा की रकम दस करोड़ रुपये और उसे हासिल करने का तरीका ऐसा कि सुनने वाला भी हैरान रह जाए। अमेरिका में कराए गए करीब 10 करोड़ रुपये के लाइफ इंश्योरेंस की रकम पाने के लिए कथित तौर पर एक जिंदा व्यक्ति को सरकारी दस्तावेजों में मृत दिखाने की कोशिश की गई। इतना ही नहीं, मौत की कहानी को पुख्ता साबित करने के लिए श्मशानघाट की फर्जी रसीद तक तैयार कर आवेदन के साथ लगा दी गई। लेकिन साजिश का एक सिरा ऐसा छूटा कि पूरा मामला जांच के घेरे में आ गया। चंद्रबनी श्मशानघाट के रिकॉर्ड में न तो संबंधित व्यक्ति के अंतिम संस्कार का कोई विवरण मिला और न ही मौत की पुष्टि हो सकी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी बीमा कंपनी की भारतीय जांच एजेंसी की शिकायत पर देहरादून नगर निगम ने जांच शुरू कर दी है। संबंधित आवेदक को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा सकती है।

सात-आठ साल से अमेरिका में रह रहा परिवार, देहरादून में रची गई कथित कहानी

जानकारी के मुताबिक, देहरादून का एक परिवार पिछले सात-आठ वर्षों से अमेरिका में रह रहा है। परिवार के एक सदस्य ने वहां करीब 10 करोड़ रुपये का लाइफ इंश्योरेंस कराया था। बताया जा रहा है कि परिवार इसी साल फरवरी में एक आयोजन में शामिल होने के लिए देहरादून स्थित अपने घर आया था। इसके बाद नगर निगम में आवेदन देकर संबंधित व्यक्ति की मृत्यु 21 मार्च 2026 को होना दर्शाया गया और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की गई।

श्मशानघाट पहुंची जांच तो गायब मिला अंतिम संस्कार का रिकॉर्ड

इस पूरे मामले में पेंच तब फंसा जब अमेरिकी बीमा कंपनी की भारतीय जांच एजेंसी डिलिजेंस इंटरनेशनल ने मौत के दावे की पड़ताल शुरू की। करीब एक सप्ताह पहले एजेंसी के पदाधिकारी नगर निगम पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। एजेंसी के मुताबिक, जिस व्यक्ति की मृत्यु दर्शाई गई थी, उसकी मौत की पुष्टि नहीं हो पा रही थी।

जांच के दौरान चंद्रबनी श्मशानघाट के रिकॉर्ड खंगाले गए तो वहां संबंधित व्यक्ति के अंतिम संस्कार का कोई विवरण ही नहीं मिला। इसके बाद नगर निगम की ओर से आवेदन के साथ लगाए गए दस्तावेजों की जांच की गई तो अंतिम संस्कार की रसीद भी संदिग्ध पाई गई। आरोप है कि श्मशानघाट की असली रसीद जैसी दिखने वाली फर्जी रसीद तैयार कर आवेदन में लगाई गई थी।

आधार कार्ड और सरकारी फॉर्म के साथ लगाई गई थी संदिग्ध रसीद

मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन में नगर निगम का निर्धारित फॉर्म, मृतक और आवेदक के आधार कार्ड की प्रतियां तथा अंतिम संस्कार की रसीद जमा कराई गई थी। पहली नजर में दस्तावेज पूरे दिखाई दिए, लेकिन श्मशानघाट के रिकॉर्ड से मिलान होने पर कथित फर्जीवाड़े की परतें खुलने लगीं।

एक सप्ताह का अल्टीमेटम, जवाब नहीं मिला तो दर्ज होगी एफआईआर

मामले को संदिग्ध मानते हुए मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद शुक्ला के निर्देश पर संबंधित आवेदक को नोटिस जारी किया गया है। उससे एक सप्ताह के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो मामले में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस कथित फर्जीवाड़े में कौन-कौन शामिल है और इसके पीछे किसकी क्या भूमिका रही है।

अब जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना होगा और मुश्किल

इस घटना के बाद नगर निगम जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को और सख्त करने की तैयारी में है। इसके लिए फीस ऑनलाइन जमा कराने की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि देहरादून में पहले भी फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने के मामले सामने आ चुके हैं। जांच के बाद ऐसे प्रमाण पत्र निरस्त भी किए गए हैं।

21 दिन के बाद बदल जाती है आवेदन की प्रक्रिया

नगर निगम के मौजूदा नियमों के अनुसार, मृत्यु के 21 दिनों के भीतर प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने पर अंतिम संस्कार की रसीद और मृतक व आवेदक के आधार कार्ड की प्रतियां जमा करनी होती हैं। 21 दिन बाद आवेदन करने पर शपथ पत्र और डेथ डिक्लेयरेशन सर्टिफिकेट भी देना पड़ता है। वहीं, मृत्यु के एक साल बाद प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ एसडीएम स्तर से जांच कराना अनिवार्य है।

दस करोड़ रुपये के बीमे की रकम हासिल करने के लिए कथित तौर पर सरकारी रिकॉर्ड में मौत दर्ज कराने की कोशिश ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था की जांच और निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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