हरिद्वार। देवभूमि हरिद्वार में मानवता को झकझोर देने वाला एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। धर्मनगरी में अलग-अलग स्थानों पर दो मासूम बच्चियों को लावारिस हालत में छोड़े जाने से हड़कंप मच गया है। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के भगत सिंह चौक के पास जहाँ कूड़े के ढेर में सात दिन की एक नवजात बच्ची फेंकी हुई मिली, वहीं नगर कोतवाली क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस के पास करीब एक साल की दूसरी बच्ची लावारिस हालत में बरामद हुई। पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने दोनों बच्चियों को अपनी सुपुर्दगी में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ उनकी देखभाल और सुरक्षा की जा रही है।
कूड़े के ढेर में मिली सात दिन की नवजात, राहगीरों की सूझबूझ से बची जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत भगत सिंह चौक के पास कूड़े के ढेर से किसी नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। जब राहगीरों ने रुककर पास जाकर देखा, तो वहाँ करीब सात दिन की एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में पड़ी थी। इस अमानवीय कृत्य को देखकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
इस दौरान मौके पर मौजूद समाजसेवी वंदना गुप्ता ने तुरंत आगे आकर बच्ची को अपनी गोद में उठाया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और 108 एम्बुलेंस की मदद से बच्ची को जिला महिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
पोस्ट ऑफिस के पास मिली एक साल की बच्ची
दूसरी घटना नगर कोतवाली क्षेत्र की है, जहाँ पोस्ट ऑफिस के पास लगभग एक साल की एक अन्य मासूम बच्ची लावारिस हालत में भटकती और रोती हुई मिली। सूचना मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम तुरंत मौके पर पहुँची और बच्ची को अपने संरक्षण में ले लिया। मेडिकल जांच कराने के बाद बच्ची को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। पुलिस अब दोनों ही मामलों में बच्चियों के परिजनों और उन्हें इस तरह बेसहारा छोड़ने वाले असामाजिक तत्वों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
पुलिस अधिकारी का बयान:“हरिद्वार में दो अलग-अलग स्थानों पर दो मासूम बच्चियों के लावारिस मिलने की सूचना पर पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया है। दोनों मामलों की बेहद बारीकी से जांच की जा रही है, और आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं ताकि दोषियों का सुराग लगाया जा सके।”— दीपक सिंह, एसपी सिटी, हरिद्वार