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मिलावटखोरों पर एडीएम विवेक राय का शिकंजा! हल्दी और धनिया बनाने वाली रुद्रपुर की कंपनी पर ₹1.50 लाख का जुर्माना

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17 मामलों में ₹3.45 लाख का अर्थदंड, मेडिकल कॉलेज की कैंटीन से लेकर बेकरी, डेयरी, मिठाई की दुकानों और छोटे कारोबारियों तक पर कार्रवाई

राजू अनेजा।हल्द्वानी। मुनाफे के लिए खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी करने वालों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सुनवाई के बाद 17 मामलों में कुल 3 लाख 45 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। कार्रवाई के दायरे में रुद्रपुर की खाद्य निर्माता कंपनी से लेकर नैनीताल के होटल, हल्द्वानी की मेडिकल कॉलेज कैंटीन, बेकरी, मिठाई की दुकानें, जनरल स्टोर, डेयरी और चिकन कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठान शामिल हैं।

अपर जिला अधिकारी (प्रशासन), नैनीताल विवेक राय  के द्वारा की गई कार्रवाई के अनुसार खाद्य  उत्पादों पर मिथ्या छाप, एक्सपायरी खाद्य सामग्री रखने, अधोमानक दूध के संग्रहण और बिक्री, अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार करने तथा बिना वैध पंजीकरण कारोबार करने जैसे मामले शामिल हैं। कार्रवाई में सबसे अधिक जुर्माना रुद्रपुर की एसएफ फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के दो मामलों में लगाया गया, जहां ‘शरण’ ब्रांड के हल्दी और धनिया पाउडर से संबंधित मामलों में कुल 1.50 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

प्रशासन की इस कार्रवाई ने खाद्य कारोबार में गुणवत्ता, स्वच्छता और नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। खाद्य पदार्थ सीधे लोगों की सेहत से जुड़े होते हैं, ऐसे में छोटी दुकान हो या बड़ा प्रतिष्ठान, निर्धारित मानकों की अनदेखी उपभोक्ताओं के हितों को प्रभावित कर सकती है।

 

हल्दी-धनिया पाउडर के दो मामलों में कंपनी पर ₹1.50 लाख का जुर्माना

कार्रवाई की सूची में रुद्रपुर के आईआईई पंतनगर स्थित सेक्टर-3 की एसएफ फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के दो मामले प्रमुख हैं। कंपनी पर ‘शरण’ ब्रांड के हल्दी पाउडर और धनिया पाउडर से संबंधित मिथ्या छाप खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं बिक्री के मामलों में अलग-अलग 75-75 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

दोनों मामलों में कुल जुर्माना 1 लाख 50 हजार रुपये है। खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और उन पर दी गई जानकारी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में निर्माताओं के लिए खाद्य सुरक्षा से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है।

 

मनु महारानी होटल में एक्सपायरी क्रश रखने और इस्तेमाल का मामला

नैनीताल के मल्लीताल स्थित मनु महारानी होटल से जुड़े मामले में एक्सपायरी अवधि के बाद की खाद्य सामग्री रखने और उससे खाद्य पदार्थ तैयार करने का उल्लेख प्रशासनिक आदेश में किया गया है। आदेश के अनुसार, ‘माल्यास’ ब्रांड के पाइनएप्पल क्रश और ऑरेंज स्क्वैश से संबंधित मामले में होटल पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट की नियमित जांच जरूरी है। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद सामग्री का इस्तेमाल उपभोक्ताओं के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि वे भंडारण और इस्तेमाल के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करें।

दूध की गुणवत्ता में कमी, 30 हजार रुपये का अर्थदंड

 

गदरपुर क्षेत्र के रोशनपुर निवासी सरताज अली के मामले में अधोमानक दूध के संग्रहण और बिक्री से संबंधित उल्लंघन पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

दूध बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के दैनिक आहार का अहम हिस्सा है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप होना जरूरी है। दूध की गुणवत्ता में कमी का मामला उपभोक्ताओं की सेहत से सीधे जुड़ा है। इस तरह के मामलों में नियमित जांच और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण हो जाता है।

 

मेडिकल कॉलेज की कैंटीन पर भी ₹25 हजार का जुर्माना

हल्द्वानी स्थित मेडिकल कॉलेज की कैंटीन/मेस से जुड़े मामले में योगेश सनवाल और प्रज्ञान भारद्वाज के नाम दर्ज हैं। प्रशासनिक आदेश में अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री का उल्लेख करते हुए 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

मेडिकल कॉलेज और अस्पताल जैसे संस्थानों में भोजन की स्वच्छता का विशेष महत्व होता है। यहां मरीजों, तीमारदारों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे स्थानों पर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय बन सकती है।

 

रेस्टोरेंट और चिकन कारोबार भी कार्रवाई की जद में

हल्द्वानी के कालाढूंगी रोड स्थित मित्रा एंड चाप प्रतिष्ठान पर अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार करने और बेचने के मामले में 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

वहीं, मंगल पड़ाव की घास मंडी स्थित आसिफ चिकन शॉप से जुड़े फैजुद्दीन पर बिना वैध पंजीकरण और अस्वच्छ परिस्थितियों में चिकन बेचने के मामले में 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

इन मामलों में खाद्य पदार्थों की तैयारी, भंडारण और बिक्री के दौरान स्वच्छता तथा आवश्यक पंजीकरण के नियमों का पालन करने की जरूरत सामने आई है।

 

बेकरी में मिथ्या छाप, बिक्री के लिए रखी मिली एक्सपायरी ब्रेड

हल्द्वानी के आजादनगर स्थित न्यू बॉम्बे फूड प्रोडक्ट्स के मामले में ‘ज्योति स्पेशल सूजी ब्रेड टोस्ट’ पर बैच नंबर, लॉट नंबर और क्रॉस नंबर से संबंधित उल्लंघन के मामले में 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

इसके अलावा, मंगल पड़ाव स्थित न्यू हजारा एंड कंपनी के मामले में बिक्री के लिए एक्सपायरी ब्रेड और ड्राई फ्रूट्स रखने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

पैक्ड खाद्य पदार्थों पर निर्धारित विवरण का होना और बिक्री से पहले उनकी वैधता जांचना उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है। दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि वे एक्सपायरी उत्पादों को बिक्री से अलग रखें और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करें।

 

मिठाई और किराना दुकानों पर भी कार्रवाई

भतरौंजखान स्थित मनोज स्वीट्स पर बिना पंजीकरण मिठाई का कारोबार करने के मामले में 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

हल्द्वानी के मल्ला गोरखपुर स्थित मल्ला जनरल स्टोर पर बिना पंजीकरण दाल, चावल, मसाले आदि खाद्य सामग्री बेचने के मामले में 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

इसी तरह, गर्मपानी क्षेत्र के माधवी जनरल स्टोर पर एक्सपायरी खाद्य सामग्री बिक्री के लिए संग्रहित रखने के मामले में 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

इन मामलों से स्पष्ट है कि खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन की जिम्मेदारी केवल बड़े निर्माताओं और होटल संचालकों तक सीमित नहीं है। खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले छोटे कारोबारियों के लिए भी जरूरी पंजीकरण और निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक है।

 

ठेले और छोटे खाद्य कारोबारियों पर भी लगा जुर्माना

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में छोटे कारोबारियों के मामले भी शामिल हैं।

कालाढूंगी निवासी सुखवंत सिंह की चिकन पकौड़ा ठेली पर बिना पंजीकरण अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य कारोबार करने के मामले में पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र की सरोज के खाद्य ठेले पर भी बिना पंजीकरण और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य कारोबार करने के मामले में पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित वैष्णो डेयरी पर बिना पंजीकरण खाद्य कारोबार करने के मामले में पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। पश्चिमी मुखानी क्षेत्र के सुनील पाल की आरके मटन एंड चिकन शॉप पर भी बिना पंजीकरण खाद्य कारोबार करने के मामले में पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

धारी तहसील के कसियालेख निवासी लक्ष्मण सिंह बिष्ट के जनरल स्टोर पर बिना वैध पंजीकरण खाद्य कारोबार करने के मामले में पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

 

17 मामलों में कुल ₹3.45 लाख का अर्थदंड

प्रशासनिक आदेशों के अनुसार, इन 17 मामलों में कुल 3 लाख 45 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। आदेशों पर अपर जिला अधिकारी (प्रशासन), नैनीताल विवेक राय का नाम दर्ज है।

कार्रवाई में खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग से जुड़े उल्लंघन, अधोमानक दूध, एक्सपायरी खाद्य सामग्री, अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार करने और बिना पंजीकरण कारोबार करने जैसे अलग-अलग मामले शामिल हैं।

 

सवाल सिर्फ जुर्माने का नहीं, जनता की सेहत का भी

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सीधे आम आदमी की सेहत से जुड़ी है। उपभोक्ता बाजार से दूध, मसाले, मिठाइयां, ब्रेड और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय इस भरोसे पर पैसा खर्च करता है कि उसे सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पाद मिलेगा। यदि इस भरोसे में कमी आती है, तो उसकी जवाबदेही तय होना जरूरी है।

प्रशासनिक कार्रवाई के साथ खाद्य सुरक्षा विभाग की नियमित निगरानी भी महत्वपूर्ण है। खाद्य पदार्थों के नमूने लेना, भंडारण की स्थिति जांचना, एक्सपायरी उत्पादों की बिक्री रोकना और बिना वैध पंजीकरण कारोबार करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना लगातार जारी रहना चाहिए।

एडीएम विवेक राय के नाम से दर्ज इन आदेशों के जरिए खाद्य कारोबार से जुड़े 17 मामलों में अर्थदंड लगाया गया है। अब महत्वपूर्ण यह है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन लगातार सुनिश्चित हो, ताकि उपभोक्ताओं की सेहत के साथ किसी तरह का समझौता न हो।

 

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