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धामी सरकार पर आपत्तिजनक बयान देने वाले मौलाना के मदरसे पर प्रशासन का ताला! अब जिलेभर में अवैध रूप से चल रहे मदरसो पर पुलिस का शिकंजा

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राजू अनेजा, काशीपुर/रुद्रपुर। त्रिशूल चौक पर धामी सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देकर सुर्खियों में आए मौलाना मुफ्ती मुजीब के मदरसे पर सोमवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ताला जड़ दिया। जांच में मदरसा फैजुल मुस्तफा बिना जरूरी मान्यता के संचालित होता पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने मदरसे को सील कर दिया।

सिर्फ एक नहीं, दो मदरसों पर गिरी गाज

 

प्रशासन की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। मान्यता से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मदरसा जामियातुल हसनात को भी सील कर दिया गया। दोनों मामलों में प्रशासन ने मान्यता संबंधी नियमों का पालन नहीं होने को कार्रवाई का आधार बताया है।

बयान से विवाद में आए मौलाना, अब मदरसे पर भी कार्रवाई

 

त्रिशूल चौक पर धामी सरकार के खिलाफ बयान देने वाले मौलाना मुफ्ती मुजीब का संबंध सीधे मदरसा फैजुल मुस्तफा से है। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि मौलाना इसी मदरसे में पढ़ाते हैं और मदरसे के प्राचार्य भी हैं। जांच के दौरान मदरसा निर्धारित मान्यता के बिना संचालित मिला। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया।

जाहिद राजा के मदरसे पर भी प्रशासन का शिकंजा

 

इसी तरह जाहिद राजा द्वारा संचालित बताए जा रहे मदरसा जामियातुल हसनात की जांच में भी मान्यता के लिए जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए। प्रशासन ने इसे भी सील कर दिया।

मदरसा बोर्ड खत्म, अब मान्यता के बिना संचालन पर सख्ती

 

उत्तराखंड सरकार पहले ही मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर चुकी है। नई व्यवस्था के तहत मदरसों को प्राधिकरण के साथ-साथ उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से निर्धारित मान्यता हासिल करना जरूरी किया गया है। इसी व्यवस्था के तहत जिलेभर में मदरसों का सत्यापन और मान्यता की प्रक्रिया चल रही है।

उधम सिंह नगर में 118 मदरसे, 60 ने अब तक नहीं किया आवेदन

 

उधम सिंह नगर जिले में कुल 118 मदरसे संचालित होने की जानकारी है। इनमें पांच मदरसे पहले ही बंद हो चुके हैं। वहीं करीब 60 मदरसों ने अभी तक मान्यता के लिए आवेदन तक नहीं किया है। बाकी मदरसों की ओर से मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए हैं।

अब सवाल—बिना मान्यता चल रहे मदरसों पर कब तक चलेगा प्रशासन का शिकंजा?

 

दो मदरसों पर हुई कार्रवाई के बाद जिले में बिना मान्यता संचालित हो रहे अन्य मदरसों को लेकर भी प्रशासन की कार्रवाई पर नजरें टिक गई हैं। अब देखना यह है कि सत्यापन प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ बिना मान्यता संचालित पाए जाने वाले अन्य मदरसों पर भी प्रशासन इसी तरह की सख्ती करता है या नहीं।

अगर इसे और ज्यादा सनसनीखेज/फ्रंट पेज वाली कड़क हेडिंग में करना हो तो मुख्य हेडिंग मैं रखूंगा: “धामी सरकार पर बयान पड़ा भारी, मौलाना के मदरसे पर प्रशासन का ताला!”

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