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पंतनगर सिडकुल: मल्टीनेशनल कंपनी के बाहर अमोनिया गैस रिसाव से मची अफरा-तफरी; पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF ने टाला बड़ा हादसा

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रुद्रपुर/पंतनगर (ऊधम सिंह नगर), 26 जून 2026: सिडकुल पंतनगर औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बहुराष्ट्रीय खाद्य निर्माण (Multinational Food Manufacturing) कंपनी के प्लांट के समीप मुख्य सड़क पर अचानक अत्यधिक खतरनाक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। सड़क पर तेजी से गैस फैलने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों में दहशत फैल गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कई वाहन चालकों ने अपने वाहन तुरंत रोक दिए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, अग्निशमन विभाग और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला और समय रहते स्थिति को विधिक व तकनीकी रूप से पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।

फायर ब्रिगेड और SDRF की त्वरित कार्रवाई; पानी की बौछारों से किया गया गैस को बेअसर

घटना की आधिकारिक व प्रशासनिक सूचना मिलते ही सिडकुल चौकी पुलिस, स्थानीय पुलिस बल, अग्निशमन केंद्र पंतनगर, फायर स्टेशन रुद्रपुर तथा एसडीआरएफ की विशेषज्ञ टीमें तत्काल सुरक्षा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गईं:

  • यातायात का नियंत्रण: सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी (Cordone Off) की और यातायात को रोक दिया, ताकि कोई भी नागरिक इस जहरीली गैस की विधिक परिधि में न आए।

  • हाइड्रेंट ऑपरेशन: इसके बाद फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। सड़क पर फैली अमोनिया गैस के प्रभाव को कम करने के लिए पानी और अन्य आवश्यक विधिक व तकनीकी संसाधनों की बौछारें की गईं। काफी देर तक चले सघन अभियान के बाद वातावरण और सड़क को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया गया।

आंखों की जलन से लेकर जान जाने का रहता है खतरा: मुख्य अग्निशमन अधिकारी

सड़क पर फैले इस रसायनिक पदार्थ की विधिक व वैज्ञानिक गंभीरता को स्पष्ट करते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी ईशान कटारिया ने बताया:

“मल्टीनेशनल कंपनी के बाहर जो केमिकल रिसाव हुआ था, वह ‘अमोनिया गैस’ थी। इसका औद्योगिक उपयोग मुख्य रूप से कोल्ड स्टोरेज (Cold Storage) में किया जाता है। यह गैस मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। यदि यह गैस त्वचा के संपर्क में आती है, तो तीव्र खुजली और आंखों में गंभीर जलन पैदा करती है। यदि हवा के माध्यम से इसकी अत्यधिक मात्रा मानव शरीर के भीतर (Inhalation) प्रवेश कर जाए, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। त्वरित विधिक रिस्पॉन्स के कारण इसे हवा में ज्यादा फैलने से रोक लिया गया।”

केमिकल रिसाव के कारणों की विधिक जांच शुरू: पुलिस

प्रशासन की इस तत्परता के कारण औद्योगिक क्षेत्र में एक भयानक औद्योगिक हादसा होने से टल गया, जिसकी स्थानीय नागरिकों ने भी सराहना की। मामले की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करते हुए सिडकुल चौकी के प्रभारी निरीक्षक हेमंत सिंह कठैत ने बताया:

“सूचना मिलते ही सभी आपातकालीन विभागों ने आपसी समन्वय (Inter-departmental Coordination) के साथ त्वरित कार्रवाई की। इस पूरी घटना में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, जो कि अत्यंत राहत की बात है। सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र में अभी भी आंशिक पुलिस बल तैनात है। संबंधित विधिक विभाग इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि आखिर यह केमिकल किस औद्योगिक वाहन से और किन परिस्थितियों में सड़क पर गिरा। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जांच पूरी होते ही दोषी वाहन स्वामी या प्रबंधन के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”

प्रशासन की अपील: पुलिस और प्रशासन ने सभी औद्योगिक वाहन चालकों और कंपनियों से अपील की है कि वे रसायनों के परिवहन के दौरान विधिक सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) का कड़ाई से पालन करें। साथ ही, आमजन से अनुरोध किया गया है कि सड़क पर किसी भी प्रकार का संदिग्ध रासायनिक पदार्थ या तेल दिखने पर स्वयं दूर रहें और तत्काल कंट्रोल रूम को सूचित करें।

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