पिथौरागढ़: जबरन मतांतरण मामले में नया खुलासा; पीड़ित पिता का आरोप— बेटे को ‘पापा’ बोलने पर पीटा जाता था, ‘अब्बू’ कहने का बनाया दबाव

खबर शेयर करें -

पिथौरागढ़/गंगोलीहाट, 26 जून 2026: गंगोलीहाट क्षेत्र के एक युवक के जबरन मतांतरण (Religious Conversion) और मानसिक उत्पीड़न के मामले में लगातार कई चौंकाने वाले विधिक व सामाजिक तथ्य सामने आ रहे हैं। पीड़ित युवक ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसके मासूम बेटे को ‘पापा’ शब्द बोलने पर प्रताड़ित किया जाता था और उसे जबरन ‘अब्बू’ कहने के लिए मजबूर किया जाता था। पीड़ित ने अब स्थानीय पुलिस प्रशासन से अपने और अपने बच्चे की जान-माल की विधिक सुरक्षा की गुहार लगाई है।

धोखे से कागजातों पर करवाए हस्ताक्षर, बदल दिया नाम

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बोक्टा (पोस्ट- चौनाला) निवासी पीड़ित विवेक ने पुलिस को दी अपनी विधिक तहरीर में बताया कि ११ जनवरी २०१९ को उसकी पत्नी यास्मीन के परिजनों ने उसे धोखे से कोर्ट परिसर में बुलाया था। वहां जरूरी कागजात बताने का झांसा देकर कुछ विधिक दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर करवा लिए गए।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी-रुद्रपुर हाईवे पर भीषण हादसा: तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक सवार को कुचला, 47 वर्षीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत, चालक फरार

बाद में जब वह मूल दस्तावेज विवेक के हाथ लगा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। दस्तावेजों में विवेक का नाम बदलकर ‘रिहान’ और उसके पिता का नाम बदलकर ‘हनीफ’ दर्ज कर दिया गया था। जब विवेक ने इस जालसाजी और जबरन नाम परिवर्तन का कड़ा विरोध किया, तो ससुराल पक्ष द्वारा उसके साथ मारपीट करने और जान से मारने की विधिक धमकियां देने का सिलसिला शुरू हो गया।

दबाव में कराई दूसरी शादी और बच्चे का जबरन कराया खतना

पीड़ित विवेक के अनुसार, विवाद के बाद वह दिल्ली चला गया था। रोहिणी (दिल्ली) के सेक्टर १५ स्थित एक अस्पताल में नौकरी करने के दौरान ससुराल वालों ने उसे दोबारा ढूंढ निकाला। इसके बाद:

  • दबाव में निकाह: सामाजिक प्रतिष्ठा और लोक-लाज का हवाला देकर २४ मार्च २०२० को एक निजी दावत के बीच उसकी मर्जी के खिलाफ दूसरी बार (धार्मिक रीति से) शादी करा दी गई और उसकी मानसिक घबराहट का फायदा उठाकर कई अन्य कोरे कागजातों पर दस्तखत करा लिए गए।

  • जबरन खतना: अगस्त २०२१ में जब उनके घर बेटे का जन्म हुआ, तो विवेक ने उसका नाम ‘ईशान’ रखा, जबकि ससुराल पक्ष ने दस्तावेजों में उसका नाम ‘मो. इजहान’ दर्ज करवा दिया। विवेक का आरोप है कि अस्पताल में ही बच्चे के खतने का दबाव बनाया गया और जब उसने विरोध किया, तो उसकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर बच्चे का जबरन खतना करा दिया गया और उन्हें एक अलग फ्लैट में नजरबंद जैसी स्थिति में रख दिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  पहले ही प्रयास में आयुष्मान ने हासिल की 1688वीं रैंक: नीट-यूजी में 646 अंक पाकर चमकाया नाम, अब एम्स पर है नजर

पहचान बदलने से छूटी नौकरी, पुलिस जांच में जुटे तथ्य

विवेक ने अत्यंत भावुक होकर आरोप लगाया कि बच्चे को सनातन संस्कारों से दूर रखने के लिए उसे ‘पापा’ बोलने पर शारीरिक रूप से पीटा जाता था ताकि वह केवल ‘अब्बू’ शब्द का ही प्रयोग करे। सरकारी व निजी दस्तावेजों में पहचान और नाम बदले जाने के कारण विवेक को अपनी नियमित नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा, जिसके चलते विधिक पहचान संकट के बीच उसने पेट पालने के लिए डिलीवरी बॉय का काम किया।

यह भी पढ़ें 👉  पुरानी रंजिश के चलते बड़े भाई ने छोटे भाई पर चलाई गोली, गंभीर हालत में अस्पताल भर्ती, आरोपी प्रधान पति फरार

इस संवेदनशील और गंभीर मामले की प्रशासनिक व वैधानिक प्रगति स्पष्ट करते हुए गंगोलीहाट के थानाध्यक्ष कैलाश जोशी ने बताया:

“पीड़ित युवक विवेक की ओर से प्राप्त लिखित शिकायत और दस्तावेजों के आधार पर मामले की अत्यंत गंभीरता से विधिक जांच की जा रही है। नाम परिवर्तन, जबरन निकाह और बच्चे के उत्पीड़न से जुड़े सभी तकनीकी व धरातलीय साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच में सामने आने वाले विधिक तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ तत्काल सख्त वैधानिक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

Ad