बागेश्वर (27 अप्रैल 2026): कहते हैं कि सच्चा प्रेम मृत्यु के बाद भी समाप्त नहीं होता, और इस बात को सच कर दिखाया है बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र निवासी केदार सिंह कोश्यारी ने। 89 वर्षीय पूर्व सैनिक केदार सिंह ने अपनी दिवंगत पत्नी लक्ष्मी देवी की यादों को संजोने के लिए अपने घर में ही उनका मंदिर स्थापित कर दिया है, जहाँ वे प्रतिदिन पूरी श्रद्धा के साथ अपनी ‘जीवनसंगिनी’ की पूजा करते हैं।
1962 से शुरू हुआ था साथ
केदार सिंह और लक्ष्मी देवी का दांपत्य जीवन वर्ष 1962 में शुरू हुआ था। केदार सिंह सेना में रहते हुए देश की रक्षा के लिए अरुणाचल प्रदेश जैसी दुर्गम सीमाओं पर तैनात रहे, लेकिन लक्ष्मी देवी के साथ उनका जुड़ाव कभी कम नहीं हुआ। जीवन के हर उतार-चढ़ाव में दोनों एक-दूसरे की ढाल बने रहे।
2019 में बिछड़ा साथ, 2020 में बना मंदिर
केदार सिंह के जीवन में अंधेरा तब छाया जब 7 दिसंबर 2019 को एक शादी समारोह के दौरान लक्ष्मी देवी का आकस्मिक निधन हो गया। 57 वर्षों का साथ अचानक छूट जाने से केदार सिंह टूट गए थे। उन्होंने तय किया कि वे अपनी पत्नी को खुद से कभी दूर नहीं होने देंगे।
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आदमकद मूर्ति: वर्ष 2020 में उन्होंने लक्ष्मी देवी की एक आदमकद प्रतिमा बनवाई और उसे घर के एक हिस्से में मंदिर का रूप देकर स्थापित कर दिया।
जीवित व्यक्ति की तरह सेवा और संवाद
केदार सिंह के लिए यह केवल पत्थर की एक मूर्ति नहीं, बल्कि उनकी पत्नी की साक्षात उपस्थिति है। उनकी दिनचर्या किसी पुजारी जैसी है:
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नियमित पूजा: वे रोज सुबह और शाम मूर्ति की आरती उतारते हैं और उन्हें भोग लगाते हैं।
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अनोखा संवाद: केदार सिंह आज भी अपनी दिनभर की बातें और सुख-दुख उसी तरह साझा करते हैं, जैसे वे अपनी पत्नी के जीवित रहने पर किया करते थे।
निःसंतान होने के बावजूद नहीं हैं अकेले
केदार सिंह की अपनी कोई संतान नहीं है। वे वर्तमान में अपने भाई के परिवार के साथ रहते हैं, जो उनकी पूरी देखभाल करता है। परिवार का कहना है कि केदार सिंह का अपनी पत्नी के प्रति यह लगाव उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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