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उत्तरकाशी में भालू का आतंक: गोविंद वन्य जीव विहार क्षेत्र के जखोल गाँव में घरों पर हमला, ग्रामीण भयभीत

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उत्तरकाशी: जनपद में भालू का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिससे परेशान ग्रामीण वन प्रभाग के कार्यालय पहुँच रहे हैं। भालू अब ग्रामीणों की छानियों और मकानों को भी नुकसान पहुँचा रहे हैं।


🏡 रिहायशी इलाकों में भालू का हमला

 

  • स्थान: मोरी ब्लॉक के गोविंद वन्य जीव विहार पार्क क्षेत्र के जखोल गाँव का जाबिल्च नामे तोक।

  • घटना: देर रात भालू बस्ती में घुस आया और एक-एक घर के दरवाजों पर हमला कर उन्हें तोड़ डाला। कई घरों के लकड़ी और टिन के दरवाजे क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

  • स्थिति: भालू के शोर और दरवाजे टूटने की आवाज सुनकर लोग घरों के अंदर छिप गए और पूरी रात भय के साये में जागते रहे। महिलाओं और बच्चों में अभी भी दहशत का माहौल बना हुआ है।

🗣️ ग्रामीणों की मांग और डीएफओ का बयान

 

जखोल गाँव के गंगा सिंह रावत, धाम सिंह, गौर सिंह, जगदीश, और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि भालू पिछले कई दिनों से गांव के आसपास मंडरा रहा था और अब उसकी हरकतें सीधे आबादी तक पहुँच गई हैं।

  • ज्ञापन: ग्रामीणों ने वन विभाग के कार्यालय पहुँचकर डीएफओ को ज्ञापन सौंपा और भालू के आतंक से निजात दिलाने की मांग की।

  • वन विभाग की कार्रवाई: पार्क उप निदेशक निधि सेमवाल ने बताया कि रेंज जखोल के जाबिल्च तोक में भालू द्वारा मकान एवं छानियों के दरवाजे तोड़ने की सूचना है। रेंज अधिकारी गौरव अग्रवाल और वन कर्मियों की टीम मौके पर भेजी गई है। नुकसान की रिपोर्ट एवं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है, रिपोर्ट आने पर मुआवजे की कार्यवाही की जाएगी।

🌍 जलवायु परिवर्तन से भालुओं का जीवन चक्र प्रभावित

 

प्रभागीय वनाधिकारी डीपी बलूनी ने भालुओं के आक्रामक व्यवहार के पीछे जलवायु परिवर्तन को एक कारण बताया:

“पहाड़ों में भालुओं का जीवन चक्र बदल गया है। कम बर्फबारी और समय पर ठंड नहीं होने से भालुओं की नींद उड़ गई है। पहले की तरह ना तो भालू को आसानी से भोजन मिल रहा है और न ही उसके आवास स्थल ही सुरक्षित रह गए हैं। जलवायु परिवर्तन का भरपूर असर भालुओं पर सीधे तौर से दिखाई देने लगा है।

डीपी बलूनी ने बताया कि अभी तक भालू के हमले से दो लोगों की मृत्यु हो चुकी है, साथ ही 4 लोग गंभीर और 3 साधारण घायल हुए हैं। उत्तरकाशी जिले में सर्वाधिक घटनाएँ भटवाड़ी ब्लॉक में देखने को मिली हैं।

क्या आप चाहते हैं कि मैं इस क्षेत्र में भालू के हमलों से बचने के लिए कुछ सुरक्षा टिप्स खोजूँ?

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