हिमालय प्रहरी

रुद्रपुर के भूरारानी में प्राधिकरण का बड़ा एक्शन: 7 एकड़ में अवैध रूप से विकसित हो रही कॉलोनी पर चला बुलडोजर; रेरा और नक्शे के बिना प्लॉट न खरीदने की अपील

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रुद्रपुर: उधम सिंह नगर जिला विकास प्राधिकरण ने जिले में अवैध रूप से पैर पसार रहे भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ सख्त विधिक रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्राधिकरण की टीम ने रुद्रपुर के भूरारानी क्षेत्र में बिना किसी प्रशासनिक स्वीकृति और नियमों के विपरीत काटी जा रही एक विशाल अवैध कॉलोनी पर सीधे बुलडोजर चलाकर उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। लगभग सात एकड़ की बेशकीमती भूमि पर किए गए इस ध्वस्तीकरण अभियान से अवैध निर्माण करने वाले कॉलोनाइजरों और डेवलपर्स के बीच हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बार-बार नोटिस के बाद भी नहीं सुधरे कॉलोनाइजर; जेसीबी से ढहाए अवैध निर्माण

जिला विकास प्राधिकरण से प्राप्त आधिकारिक विधिक जानकारी के अनुसार, भूरारानी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बिना ले-आउट पास कराए कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलकर आवासीय प्लॉटिंग की जा रही थी।

  • नोटिस की अनदेखी: जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय ने बताया कि संबंधित कॉलोनाइजरों को पूर्व में कई बार विधिक नोटिस जारी कर काम रोकने के निर्देश दिए गए थे। उन्हें अपने आवश्यक भूमि दस्तावेज प्रस्तुत करने और नियमानुसार नक्शा स्वीकृत कराकर ही विकास कार्य करने की चेतावनी दी गई थी।

  • बुलडोजर की कार्रवाई: बार-बार दी गई चेतावनियों और कानूनी विधिक नोटिसों की घोर अनदेखी किए जाने के बाद, प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया। शुक्रवार को भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची टीम ने अवैध कॉलोनी के भीतर बनाई गई सड़कों, बाउंड्री वॉल और अन्य विधिक रूप से अवैध ढांचों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया।

आम जनता के हितों की रक्षा के लिए उठाया कदम; प्लॉट खरीदने से पहले रेरा (RERA) जांचना अनिवार्य

सचिव पंकज उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण का यह विधिक उद्देश्य केवल निर्माणों को तोड़ना नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर आम भोली-भाली जनता को अपनी गाढ़ी कमाई के फंसने से बचाना और उनके हितों की विधिक रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग बिना जांच-पड़ताल किए ऐसी अवैध कॉलोनियों में सस्ते के चक्कर में प्लॉट खरीद लेते हैं और बाद में उन्हें बिजली, पानी, सड़क और विधिक रजिस्ट्री जैसी गंभीर प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

प्राधिकरण ने आम नागरिकों से एक महत्वपूर्ण विधिक अपील की है कि वे किसी भी आवासीय भूखंड (प्लॉट) या मकान को खरीदने से पहले पूरी सतर्कता बरतें और अनिवार्य रूप से यह सुनिश्चित कर लें कि:

  1. संबंधित कॉलोनी रेरा (RERA – Real Estate Regulatory Authority) से पूरी तरह अनुमोदित और पंजीकृत है या नहीं।

  2. जिला विकास प्राधिकरण (DDMA) से उसका मूल ले-आउट और नक्शा विधिवत विधिक रूप से स्वीकृत है या नहीं।

कृषि भूमि पर अवैध निर्माण करने वालों को अंतिम चेतावनी; आगे भी जारी रहेगा अभियान

प्राधिकरण सचिव ने कॉलोनाइजरों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जो भूमि जिस उद्देश्य (कृषि, आवासीय या व्यावसायिक) के लिए विधिक रूप से चिन्हित है, उसका उपयोग उसी श्रेणी में होना चाहिए। यदि कोई कृषि भूमि पर बिना लैंड यूज़ चेंज (सीएलयू) कराए अवैध रूप से मकान या कॉलोनी बनाता है, तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई तय है।

जिन डेवलपर्स को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं, उन्हें अविलंब अपने दस्तावेज और ले-आउट प्लान जिला विकास प्राधिकरण कार्यालय में जमा कराने के विधिक निर्देश दिए गए हैं। पंकज उपाध्याय ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि निर्धारित समयावधि के भीतर वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा नहीं किया गया, तो संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर और भी कड़ी दंडात्मक विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिले के सुनियोजित विकास के लिए यह ध्वस्तीकरण अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

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