
बाहरी राज्यों से कूटरचित दस्तावेजों पर बनवाए गए लाइसेंसों की खुलेगी परत, एसएसपी अजय गणपति बोले- अब संबंधित राज्यों में होगी जमीनी जांच, फर्जी मिले तो सीधे मुकदमा
राजू अनेजा,रुद्रपुर। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के नेटवर्क पर पुलिस और एसटीएफ ने शिकंजा कस दिया है। बाहरी राज्यों से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उन्हें उत्तराखंड में स्थानांतरित कर वैध हथियार के रूप में इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के दौरान 94 संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस पुलिस ने जब्त कर लिए हैं, जबकि 119 हथियार संबंधित थानों में जमा करा दिए गए हैं। अब इन सभी लाइसेंसों की सच्चाई जानने के लिए पुलिस की विशेष टीम संबंधित राज्यों में जाकर मूल रिकॉर्ड खंगालेगी। यदि लाइसेंस फर्जी पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ सीधे आपराधिक मुकदमे दर्ज होंगे।
2001 से 2026 तक का रिकॉर्ड खंगाला, 678 लाइसेंस मिले दूसरे राज्यों के
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि जिले में वर्ष 2001 से 2026 तक जारी और स्थानांतरित हुए शस्त्र लाइसेंसों का रिकॉर्ड खंगाला गया। जांच में 678 ऐसे लाइसेंस मिले, जो उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, मेघालय, बिहार समेत अन्य राज्यों से बनवाकर उत्तराखंड में ट्रांसफर किए गए थे।
तीन विशेष टीमों ने शुरू की पड़ताल, 626 लाइसेंसों का सत्यापन पूरा
सत्यापन के लिए जिला स्तर पर तीन विशेष टीमें गठित की गईं। दो टीमों ने रुद्रपुर और काशीपुर सर्किल में जांच की, जबकि तीसरी टीम बाहरी राज्यों से जारी लाइसेंसों की पड़ताल में जुटी रही। अब तक 626 लाइसेंसों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। जांच में 94 लाइसेंस संदिग्ध पाए गए, जिन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। इनसे जुड़े 119 हथियार भी सुरक्षा के मद्देनजर थानों में जमा करा दिए गए हैं।
काशीपुर से खुला था फर्जी लाइसेंस का खेल
फर्जी शस्त्र लाइसेंस का यह मामला सबसे पहले काशीपुर सर्किल में सामने आया था। यहां दो मुकदमे दर्ज कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस और एसटीएफ ने पूरे जिले में अभियान चलाकर दूसरे राज्यों से स्थानांतरित शस्त्र लाइसेंसों की गहन जांच शुरू की।
अब राज्यों में जाकर होगी असली पड़ताल
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि पुलिस की तीसरी टीम अब उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, मेघालय और बिहार के संबंधित जिलों में जाकर शस्त्र लाइसेंसों का मूल रिकॉर्ड जांचेगी। यदि रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी या कूटरचना मिली तो संबंधित लाइसेंसधारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी का संदेश
“फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए हथियार रखने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी पारदर्शिता के साथ जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” – एसएसपी अजय गणपति
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