
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आगाज कर दिया है। उत्तराखंड में बीजेपी संगठन और सरकार इस अभियान को न केवल पीएम मोदी के जन्मोत्सव के रूप में मना रहे हैं, बल्कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक रणनीति व संपर्क साधन के रूप में देखा जा रहा है। महीने भर चलने वाले इस अभियान के तहत राज्यभर में 11 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, समाजसेवियों और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सीधे जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और बीजेपी प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने इसे ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प और जन-सेवा से जुड़ने का एक बड़ा माध्यम बताया है।
वरिष्ठ पत्रकारों ने बताया 2027 का ‘चुनावी रोडमैप’, कांग्रेस बोली— ‘सेवा नहीं, यह मेवा पखवाड़ा है’
राजनीतिक विश्लेषकों व वरिष्ठ पत्रकारों (नरेंद्र शेट्टी और नीरज कोहली) का मानना है कि इस अभियान के माध्यम से भाजपा जनसंवाद स्थापित कर सरकार की योजनाओं का फीडबैक लेगी और युवाओं व अन्य वर्गों के बीच पैठ मजबूत करेगी। दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस ने इस अभियान पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने इसे ‘मेवा खाओ अभियान’ करार देते हुए आरोप लगाया कि फर्जी प्रमाणपत्रों से नौकरियों व एडमिशन के मामलों से घिरी बीजेपी सरकार जनता के आक्रोश को दबाने के लिए चुनावी साल में यह नाटक कर रही है। इन आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजेपी महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास भ्रष्टाचार से भरा रहा है, जबकि पीएम मोदी ने सत्ता को सदैव सेवा का माध्यम माना है।