रामनगर: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) से एक दुखद खबर सामने आई है। कालागढ़ रेंज के धारा बीच क्षेत्र में गश्त के दौरान वनकर्मियों को एक नर बाघ मृत अवस्था में मिला। बाघ का शव धारा सोक के किनारे पड़ा देख वनकर्मियों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद तुरंत उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई।
प्राकृतिक मौत की आशंका, अंग पाए गए सुरक्षित
कॉर्बेट पार्क के निदेशक डॉ. साकेत बडोला के निर्देश पर उपनिदेशक राहुल मिश्रा, पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह और वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक निरीक्षण में बाघ की उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष आंकी गई है। राहत की बात यह रही कि बाघ के शरीर के सभी अंग सुरक्षित मिले हैं, जिससे प्रथम दृष्टया शिकार की आशंका को खारिज किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, शरीर पर किसी संघर्ष के निशान न होने के कारण यह मामला प्राकृतिक मौत का प्रतीत हो रहा है।
NTCA की गाइडलाइन के तहत कार्रवाई
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के कड़े नियमों का पालन करते हुए मेडिकल टीम ने बाघ के शव का पोस्टमार्टम किया। जांच के दौरान बाघ के अंगों के सैंपल लेकर भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) भेजे गए हैं। पार्क निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही चल पाएगा।
इलाके में निगरानी तेज
पोस्टमार्टम के बाद बाघ के शव को नियमानुसार नष्ट कर दिया गया है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बाघ की मौत को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने कालागढ़ रेंज और आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। फिलहाल, विभाग विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है ताकि मौत की गुत्थी पूरी तरह सुलझ सके।
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