हिमालय प्रहरी

कनपटी में फंसी गोली ने छीन ली 25 साल की जिंदगी: 63 घंटे मौत से लड़कर हार गया रुद्रपुर का युवा जूता कारोबारी

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राजू अनेजा,रुद्रपुर।सिविल लाइंस स्थित ‘शू विला’ शोरूम के युवा स्वामी 25 वर्षीय ध्रुव चावला आखिर जिंदगी की जंग हार गए। 63 घंटे तक मौत से जूझने के बाद रविवार को रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। सोमवार को उनके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
गुरुवार रात करीब दस बजे अपने ही प्रतिष्ठान में संदिग्ध परिस्थितियों में चली गोली ने पूरे शहर को सन्न कर दिया था। गोली ध्रुव की कनपटी में लगी थी। घटनास्थल से एक अवैध पिस्टल और चार कारतूस भी बरामद हुए थे। गंभीर हालत में परिजन उन्हें पहले निजी अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

दुकान के अंदर खून से लथपथ मिले
आदर्श कॉलोनी निवासी ध्रुव चावला अपने पार्टनर हरजिंदर के साथ “शू विला” नाम से जूतों का शोरूम संचालित करते थे। घटना वाली रात उन्होंने मां को फोन कर जल्द घर लौटने की बात कही थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचे। परिजनों की सूचना पर उनके पार्टनर दुकान पहुंचे तो ध्रुव खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में फर्श पर पड़े मिले। कनपटी में गोली लगी थी और पास ही एक अवैध पिस्टल पड़ी थी।
अवैध पिस्टल बरामद, कई सवाल खड़े
मौके पर पहुंची पुलिस ने दुकान से एक अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद किए। हथियार को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोली कैसे चली—क्या यह आत्मघाती कदम था, कोई हादसा या फिर किसी साजिश का हिस्सा?
इलाज के लिए भटकता रहा परिवार
गंभीर हालत में ध्रुव को पहले गाजियाबाद स्थित मैक्स अस्पताल गाजियाबाद ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने स्थिति अत्यंत नाजुक बताई। इसके बाद उन्हें रुद्रपुर के कात्यायनी अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। परिजनों ने हर संभव प्रयास किए, लेकिन सिर में फंसी गोली के कारण हालत में सुधार नहीं हो सका।
करीब 50 घंटे तक चले इस संघर्ष के बाद रविवार शाम चार बजे ध्रुव ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और व्यापारिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार का इकलौता सहारा था ध्रुव
ध्रुव अविवाहित थे और परिवार के इकलौते बेटे थे। उनके पिता अनिल चावला का वर्ष 2016 में निधन हो चुका है। परिवार में मां और एक विवाहित बहन हैं। पिता के बाद ध्रुव ही घर की जिम्मेदारियों का सहारा थे। उनकी असामयिक मौत ने मां से इकलौता बेटा छीन लिया।
पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के बाद ही घटना की तस्वीर साफ हो पाएगी। फिलहाल शहर एक ही सवाल पूछ रहा है—आखिर “शू विला” के बंद दरवाजों के पीछे उस रात क्या हुआ?

 

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