हिमालय प्रहरी

उधमसिंह नगर में चरस का झूठा केस बनाने वाले 6 पुलिसकर्मियों पर सीबीआई का शिकंजा: हाईकोर्ट के आदेश पर आपराधिक साजिश और फर्जीवाड़े की धाराओं में मुकदमा दर्ज

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केलाखेड़ा (उधमसिंह नगर)। उधमसिंह नगर जिले के केलाखेड़ा थाने में वर्ष 2020 में दर्ज चरस बरामदगी के एक फर्जी मामले में तत्कालीन पुलिसकर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अनिल शर्मा नामक व्यक्ति को कथित तौर पर 97.70 ग्राम चरस की झूठी बरामदगी दिखाकर एनडीपीएस एक्ट में फंसाने के गंभीर आरोपों पर हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद सीबीआई ने 3 सितंबर 2026 को 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीबीआई देहरादून ने तत्कालीन उप निरीक्षक प्रकाश चंद्र टम्टा, कांस्टेबल त्रिभुवन सिंह, चंदन सिंह बिष्ट, हरीश गिरी और विशेष पुलिस अधिकारियों परवेज अहमद व राजवंत सिंह के खिलाफ आपराधिक साजिश, मारपीट, अवैध हिरासत और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गंभीर धाराओं (IPC 120-B, 166, 167, 193, 201, 211, 220, 323, 342, 348 और 465) में मामला कायम किया है।
सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने और जनरल डायरी में हेरफेर का आरोप, सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट तक चली कानूनी लड़ाई
दरअसल, 28 जुलाई 2020 को पुलिस ने अनिल शर्मा के पास चरस मिलने का दावा कर एफआईआर दर्ज की थी, जिसके खिलाफ पीड़िता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई सीबीआई की प्रारंभिक जांच में पुलिस की पूरी कार्रवाई कटघरे में आ खड़ी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिसकर्मियों पर ढाबे के सीसीटीवी कैमरे की पुरानी फुटेज डिलीट करने, जनरल डायरी (GD) में हेरफेर करने, मारपीट करने और जबरन पुलिस चौकी ले जाने के संगीन आरोप पाए गए। हालांकि, पुलिसकर्मी सीबीआई जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट भी गए थे, लेकिन 11 अगस्त 2026 को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पुलिसिया जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने का स्पष्ट आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश के तहत अब सीबीआई ने पुलिसकर्मियों पर दर्ज मुकदमे के साथ-साथ वर्ष 2020 के मूल एनडीपीएस केस की जांच भी अपने हाथ में ले ली है।
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