
विकास की बयार देख खुश हुए मुख्यमंत्री
सीएम धामी ने कहा कि गुलरभोज में जो बदलाव दिख रहा है, वह स्थानीय नेतृत्व की सक्रियता का नतीजा है। सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं में हुए सुधार ने क्षेत्रवासियों को राहत दी है।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि मुख्यमंत्री का यह समर्थन आने वाले समय में गुलरभोज की सियासत को नई दिशा दे सकता है।
मालिकाना हक पर बड़ी पहल
गुलरभोज की 30 एकड़ और आसपास की 685 एकड़ भूमि पर बसे लोगों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा था — मालिकाना हक। इस संवेदनशील मसले पर सांसद अजय भट्ट की पहल के बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर ही जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
सूत्रों के मुताबिक, सीएम ने स्पष्ट कहा कि वर्षों से बसे लोगों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होगी। नियमों के तहत समाधान निकालकर लोगों को राहत दी जाएगी।
सियासी संदेश भी साफ
मुख्यमंत्री का रुद्रपुर दौरा सिर्फ औपचारिकता नहीं था। जिस अंदाज में उन्होंने चेयरमैन सतीश चुघ के कार्यों की सराहना की, उससे यह संदेश साफ गया कि प्रदेश सरकार जमीनी स्तर पर काम करने वालों के साथ खड़ी है।
गुलरभोज में विकास की यह रफ्तार यदि इसी तरह जारी रही, तो आने वाले चुनावी समीकरणों में यह क्षेत्र खासा अहम साबित हो सकता है।
फिलहाल, गुलरभोज में विकास की इबारत लिखी जा रही है — और सियासत भी उसी स्याही से रंगी दिख रही है।
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