
देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा दिए गए वक्तव्य पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़े सख्त नकल विरोधी कानून जैसे गंभीर और महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा करने के बजाय राहुल गांधी ने अपनी असंसदीय भाषा और आचरण से संसद की गरिमा व लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार किया है। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर है और वहां विचारों का आदान-प्रदान संयम, गरिमा और तथ्यों के आधार पर ही होना चाहिए।
मुख्यमंत्री धामी ने मंगलवार को जारी अपने बयान में कहा कि सदन के भीतर ‘इडियट’ जैसे शब्दों का प्रयोग और देश के करोड़ों नागरिकों के लिए ‘अंधभक्त’ जैसी टिप्पणियां करना संसदीय परंपराओं के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत कटाक्ष और अहंकारपूर्ण व्यवहार किसी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की पहचान नहीं हो सकते। केंद्र सरकार द्वारा लाया गया सख्त नकल विरोधी कानून देश के युवाओं के हितों की रक्षा और परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। ऐसे विषय पर रचनात्मक बहस करने के बजाय विषयांतर करना दुर्भाग्यपूर्ण है। CM धामी ने स्पष्ट किया कि देश की जनता लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करने वालों और उनका उल्लंघन करने वालों के बीच का अंतर अच्छी तरह समझती है और समय आने पर इसका माकूल जवाब देती है।