
राजू अनेजा,नानकमत्ता। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने तराई क्षेत्र में सामने आ रही मतांतरण और कथित लव जिहाद की घटनाओं को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। नानकमत्ता में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने मंच से साफ शब्दों में कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में समाज को बांटने वाली और संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने वाली “मुल्लावादी मानसिकता” को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।
गुरुद्वारा रोड पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और डेमोग्राफी की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कुछ राष्ट्रविरोधी और समाज विरोधी ताकतें भोले-भाले लोगों को बहकाकर, डराकर और झूठे प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रही हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि तराई क्षेत्र में लगातार मतांतरण की शिकायतें सामने आ रही हैं। विशेष रूप से थारू समाज, सिख समाज और आदिवासी समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर उनकी आस्था से खिलवाड़ करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई कर रही है।
“धर्मांतरण कराने वालों की जगह सिर्फ जेल”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि “यह देवभूमि है, यहां अधर्म और छल का खेल नहीं चलेगा। जो लोग भोले-भाले लोगों को बहकाकर उनकी आस्था से खिलवाड़ करेंगे, उनकी जगह सिर्फ सलाखों के पीछे होगी।”
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने देश का सबसे कठोर धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया है और प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में धर्मांतरण की शिकायत मिलने पर तुरंत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लव जिहाद, थूक जिहाद और लैंड जिहाद पर भी सख्त तेवर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी गतिविधियों पर भी लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्रता और सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश करने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार अब तक 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को “लैंड जिहाद” से मुक्त करा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “देवभूमि की पवित्र भूमि पर किसी भी जिहादी मानसिकता को पनपने नहीं दिया जाएगा।”
मदरसा बोर्ड खत्म करने का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता (UCC) का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में विभाजनकारी मानसिकता पर अंकुश लगाने के लिए मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। अब उत्तराखंड में संचालित सभी विद्यालयों और मदरसों में सरकारी बोर्ड से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।
धामी ने कहा कि सरकार देवभूमि में “मुल्लावादी मानसिकता को बढ़ावा देने वाले अलगाववादी केंद्र” नहीं बल्कि “ज्ञान और संस्कार के मंदिर” स्थापित करना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अब तक 250 से अधिक अवैध मदरसों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
“ऑपरेशन कालनेमि” का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत पाखंडियों और विधर्मियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
समारोह में मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप के शौर्य और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए कहा कि उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने लोगों से सामाजिक एकता बनाए रखने और प्रदेश की संस्कृति व परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
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