
लालकुआं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता हेमवती नंदन दुर्गापाल ने लालकुआं विधानसभा क्षेत्र की जनता से संवाद करते हुए देश और प्रदेश में बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि आज देश का हर आम नागरिक, गरीब, किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार बेतहाशा बढ़ती महंगाई की मार झेलने को मजबूर है, जिससे हर घर का रसोई बजट पूरी तरह डगमगा गया है।
चीनी ₹70 और सरसों का तेल ₹250 किलो पार: रोजमर्रा की चीजें हुईं पहुंच से बाहर
कांग्रेस नेता दुर्गापाल ने बाजार में आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि कई स्थानों पर चीनी के दाम ₹70 प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जबकि सरसों का तेल ₹250 प्रति किलो तक बिक रहा है। इसके अलावा आटा, दाल, चावल, सब्जियां और मसालों की कीमतें आसमान छू रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस आम आदमी के पसीने और मेहनत से देश की अर्थव्यवस्था चलती है, उसी की जेब पर यह महंगाई भारी पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सीमित आय में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है, तब सरकार महंगाई पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम कब उठाएगी?
“भाजपा की महंगाई की मार — सनातन पर वार?”: आगामी पर्वों पर आर्थिक बोझ का जताया अंदेशा
हेमवती नंदन दुर्गापाल ने आने वाले धार्मिक पर्वों का हवाला देते हुए तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, पितृपक्ष, नवरात्र और दीपावली जैसे प्रमुख त्यौहार हमारी आस्था, सनातन संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा हैं। इन पर्वों पर हर घर में पूजा-पाठ, प्रसाद और पकवानों के लिए चीनी, तेल और राशन की अत्यधिक आवश्यकता होती है। जब त्यौहारों के समय ही जरूरी सामान इतना महंगा हो जाएगा, तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपनी धार्मिक परंपराएं कैसे निभा पाएंगे?
जनता को भाषण और वादे नहीं, सीधी राहत चाहिए
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका सवाल किसी आस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि जनहित और महंगाई के खिलाफ है। सरकार को वादों और भाषणों के बजाय आम आदमी की रसोई को सस्ती करने के लिए तत्काल ठोस नीति बनानी चाहिए। दुर्गापाल ने कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय जनता का आह्वान किया कि वे महंगाई के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करें और आमजन के हकों की इस लड़ाई को मजबूती से लड़ें।