हिमालय प्रहरी

बिंदुखत्ता की जनता के अपमान पर भड़के कांग्रेसी नेता मोहन कुड़ाई, बोले— ‘नालायक’ और ‘बिना पेंदे का लोटा’ कहना जनप्रतिनिधि की ओछी मानसिकता

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लालकुआं/बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता के मेहनतकश लोगों और आंदोलनकारियों के खिलाफ स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। पूर्व कांग्रेस जिला महामंत्री (नैनीताल) मोहन कुड़ाई ने जनप्रतिनिधि द्वारा जनता के लिए “नालायक” और “बिना पेंदे के लोटे” जैसे शब्दों का प्रयोग किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता का यह अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बिंदुखत्ता मात्र वोटों का आंकड़ा नहीं, बल्कि संघर्ष, स्वाभिमान और मेहनत की पहचान है, और लोकतान्त्रिक व्यवस्था में जनता का इस प्रकार अनादर किया जाना बेहद निंदनीय है।
समय आने पर लोकतंत्र की ताकत से जवाब देगी जनता: मोहन कुड़ाई
मोहन कुड़ाई ने बयान जारी करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों से हमेशा यह अपेक्षा की जाती है कि वे जनता की समस्याओं को समझें और संवाद में सम्मानजनक भाषा का चयन करें। राजनीतिक असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन जनता को अपमानित करना किसी भी स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा नहीं हो सकता। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिंदुखत्ता की स्वाभिमानी जनता सब कुछ देख और सुन रही है और सही समय आने पर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों व वोटों की ताकत से इसका माकूल जवाब देगी। बिंदुखत्ता के सम्मान और उसके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से लड़ा जाएगा।
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