लालकुआं: भाकपा (माले) की बिंदुखत्ता कमेटी की बैठक में क्षेत्रीय विधायक पर तीखे आरोप लगाए गए हैं। पार्टी ने कहा है कि वनाधिकार समिति की फाइल पर जिलाधिकारी नैनीताल की आपत्तियों से स्पष्ट है कि लालकुआं विधायक बिंदुखत्ता की जनता को गुमराह करने में लगे हैं। भाकपा माले ने राजस्व गांव बनाने के लिए विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर ‘डिसफॉरेस्ट’ करने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
🏛️ विधायक पर वादाखिलाफी का आरोप
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आधार: जिलाधिकारी नैनीताल की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय वनाधिकार समिति ने बिंदुखत्ता वनाधिकार समिति की फाइल पर तीन मुख्य आपत्तियों सहित कई आपत्तियां लगाई हैं।
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आरोप: भाकपा माले ने कहा कि यह आपत्ति इस बात का प्रमाण है कि वनाधिकार समिति बनाना विधायक और भाजपा सरकार द्वारा जनता को बरगलाने के लिए उठाया गया कदम था।
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मिथ्या प्रचार: अखिल भारतीय किसान महासभा के जिलाध्यक्ष भुवन जोशी ने कहा कि विधायक हर जगह यह घोषणा कर रहे थे कि राजस्व गांव की सारी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, केवल घोषणा होना बाकी है। उन्होंने विधायक को मिथ्या प्रचार और भ्रम फैलाने के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार ठहराया।
🛠️ भाकपा माले की मांग और रणनीति
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सही प्रक्रिया: भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की सही प्रक्रिया यह है कि राज्य विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजकर ‘डिसफॉरेस्ट’ करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
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गुमराह करने का मकसद: डॉ. पाण्डेय ने आरोप लगाया कि लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने जो वन अधिकार समितियां बनवाई हैं, वे राजस्व गांव और मालिकाना हक की आवाज को गुमराह करने के लिए बनवाई गई थीं।
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आंदोलन की रणनीति: बैठक में तय किया गया कि जल्द ही अखिल भारतीय किसान महासभा द्वारा राजस्व गांव बनाने के सवाल पर जनता की वृहद बैठक बुलाई जाएगी और विधायक तथा राज्य सरकार की वादाखिलाफी के विरुद्ध व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
बैठक में डॉ. कैलाश पाण्डेय, भुवन जोशी, विमला रौथाण, किशन बघरी, आनंद सिंह सिजवाली, बहादुर सिंह जंगी, गोविंद जीना, नैन सिंह कोरंगा, बिशन दत्त जोशी, निर्मला शाही, कमलापति जोशी, त्रिलोक सिंह दानू, दान सिंह मेहरा, अंबा दत्त बचखेती, और गोपाल दत्त आदि शामिल रहे।
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