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उत्तराखंड: गैस बुकिंग का डिजिटल सिस्टम ‘क्रैश’; आधे घंटे में रिकॉर्ड 30 हजार बुकिंग, अफवाहों के चलते पैनिक मोड में उपभोक्ता

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देहरादून/हरिद्वार (14 मार्च 2026): प्रदेश में रसोई गैस की किल्लत की अफवाहों ने उपभोक्ताओं को इस कदर डरा दिया है कि बुकिंग सिस्टम पर दबाव अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया है। भारी लोड के कारण एलपीजी (LPG) बुकिंग सर्वर ठप होने और फिर दोबारा शुरू होते ही बुकिंग की बाढ़ आने से व्यवस्था चरमरा गई है।

1. आधे घंटे में पूरे दिन के बराबर बुकिंग

आंकड़े बताते हैं कि यह संकट आपूर्ति से ज्यादा ‘पैनिक रिस्पॉन्स’ का है:

  • रिकॉर्ड दबाव: सर्वर दोबारा चालू होते ही मात्र 30 मिनट में 30,000 सिलेंडर बुक हुए, जो लगभग राज्य की एक दिन की कुल औसत खपत के बराबर है।

  • इंडेन (Indane) पर सबसे ज्यादा असर: सबसे अधिक दबाव इंडेन गैस के उपभोक्ताओं की ओर से देखा गया, जिससे उनके ऑनलाइन और आईवीआरएस (IVRS) सिस्टम प्रभावित हुए।

2. तकनीकी दिक्कतें और उपभोक्ताओं की परेशानी

अचानक बढ़े इस ट्रैफिक के कारण देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे बड़े शहरों में उपभोक्ताओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा:

  • ओटीपी (OTP) संकट: बुकिंग के लिए आवश्यक ओटीपी मोबाइल पर नहीं मिल पा रहे थे।

  • कॉल फेलियर: आईवीआरएस नंबरों पर कॉल कनेक्ट होने में भारी दिक्कत आई।

  • स्लो सर्वर: मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल बेहद धीमी गति से काम कर रहे थे।

3. अधिकारियों की सफाई: “गैस की कमी नहीं, पैनिक जिम्मेदार”

खाद्य विभाग और तेल कंपनियों के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि:

  • सुधार जारी: तकनीकी टीम सर्वर की क्षमता बढ़ाने और बुकिंग सिस्टम को सुचारू करने में जुटी है।

  • आपूर्ति सामान्य: राज्य में गैस का पर्याप्त भंडार है। पैनिक बुकिंग के कारण ही डिलीवरी और बुकिंग सिस्टम में देरी हो रही है।

  • अपील: प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से एडवांस बुकिंग न करें, ताकि जरूरतमंदों तक समय पर सिलेंडर पहुँच सके।


Snapshot: गैस बुकिंग – पैनिक डेटा

विवरण सामान्य स्थिति (24 घंटे) वर्तमान स्थिति (30 मिनट)
बुकिंग संख्या ~32,000 सिलेंडर ~30,000 सिलेंडर
प्रमुख प्रभावित शहर देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश
तकनीकी समस्या सुचारू ओटीपी फेलियर, सर्वर डाउन

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