
हल्द्वानी, 17 जून 2026: हल्द्वानी के सुभाष नगर क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगने के महज $24$ घंटे के भीतर एक उपभोक्ता को $3$ लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल मिलने का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। भारी-भरकम बिल देखकर उपभोक्ता और उनके परिजनों के होश उड़ गए। हालांकि, विभागीय शिकायत के बाद ऊर्जा निगम ने अपनी तकनीकी गलती को स्वीकार करते हुए बिल में संशोधन कर दिया है, लेकिन इस घटना को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। आक्रोशित नागरिकों ने क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची टीम का घेराव कर काम बंद करा दिया।
सोमवार को लगा मीटर, मंगलवार को आ गया 3 लाख का बिल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुभाष नगर निवासी जसबीर कौर के आवास पर सोमवार को ऊर्जा निगम की टीम ने नया स्मार्ट मीटर स्थापित किया था।
-
परिजनों में खलबली: मंगलवार को जब उपभोक्ता को $3$ लाख रुपये से अधिक का बकाया बिल प्राप्त हुआ, तो परिवार में खलबली मच गई।
-
एसडीओ दफ्तर में शिकायत: मामले की गंभीरता को देखते हुए जसबीर कौर के पुत्र गुरविंदर सिंह तुरंत बिल की प्रति लेकर सुभाष नगर स्थित उपखंड अधिकारी (SDO) कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुराने रिकॉर्ड के समायोजन में हुई तकनीकी चूक; संशोधित बिल जारी
शिकायत मिलते ही ऊर्जा निगम के अधिकारी हरकत में आए। एसडीओ यूके भास्कर ने मामले की तत्काल जांच कराई, जिसमें सामने आया कि यह भारी-भरकम राशि किसी वास्तविक खपत की नहीं, बल्कि एक तकनीकी त्रुटि का परिणाम थी।
एसडीओ ने बताया कि नए स्मार्ट मीटर में पुराने रिकॉर्ड और रीडिंग का समायोजन (Adjustment) करते समय सॉफ्टवेयर में तकनीकी गलती हो गई थी। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए त्रुटि को सुधारा और उपभोक्ता का बिल संशोधित कर वास्तविक ₹२६०० का नया बिल जारी कर दिया, जिसके बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली।
स्मार्ट मीटर का विरोध; टीम को खदेड़ा, कनेक्शन काटने पर बढ़ा विवाद
इस घटना के बाद सुभाष नगर के निवासियों का गुस्सा भड़क उठा। भारी-भरकम बिल से नाराज स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची तकनीकी टीम का विरोध करते हुए उन्हें काम करने से रोक दिया।
इसी बीच, मंगलवार को ही सुभाष नगर में एक अन्य उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन सिर्फ इसलिए काट दिया गया क्योंकि उन्होंने अपने घर पर पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगवाने से साफ इनकार कर दिया था। कार्यदायी टीम ने पूर्व में दिए गए नोटिस का हवाला देते हुए उनका कनेक्शन विच्छेद कर दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
“ऊर्जा निगम द्वारा किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन सीधे या दुर्भावनापूर्ण तरीके से नहीं काटा जाता है। नियमानुसार, पहले उपभोक्ता को लिखित नोटिस देकर पर्याप्त समय दिया जाता है। इसके बावजूद यदि कोई उपभोक्ता विभागीय कार्यों में सहयोग नहीं करता या स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार करता है, तो तय नियमों के अंतर्गत ही कनेक्शन काटने की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाती है।”
— यूके भास्कर, SDO, सुभाष नगर
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें