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उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार: हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य

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उत्तराखंड सरकार अब चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रदेश सरकार ने हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा है, ताकि उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा के केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके। जल्द ही रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में भी मेडिकल कॉलेज अस्तित्व में आ जाएंगे।


📈 राज्य में चिकित्सा शिक्षा की वर्तमान स्थिति

 

राज्य गठन (वर्ष 2000) के समय चिकित्सा शिक्षा की स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन धीरे-धीरे इस क्षेत्र में विस्तार किया गया है।

श्रेणी संख्या एमबीबीएस सीटें (वार्षिक) पीजी सीटें (उपलब्ध)
सरकारी मेडिकल कॉलेज 5 625 $238+$
निजी मेडिकल कॉलेज 4
कुल उपलब्ध सीटें (सरकारी + निजी) 9 लगभग 1325 $238+$
सरकारी कॉलेज (स्थान) श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, अल्मोड़ा, हरिद्वार

👩‍⚕️ नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों में वृद्धि

 

स्वास्थ्य सेवा से जुड़े अन्य संवर्गों को भी मजबूत किया जा रहा है:

संस्थान सरकारी संस्थान निजी संस्थान कुल सीटें (लगभग)
नर्सिंग संस्थान 12 $80+$ $4,700$ (बीएससी) + $463$ (एमएससी)
पैरामेडिकल निजी संस्थानों के माध्यम से $12,000+$ (सहयोगी स्वास्थ्य पाठ्यक्रम)

🗣️ मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य सचिव का दृष्टिकोण

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी:

‘उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। प्राथमिकता हर जिले में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है ताकि युवाओं को बाहर न जाना पड़े और प्रदेश आत्मनिर्भर बने।’

स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार:

  • उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के दिशा निर्देशों में स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

  • उनका मुख्य लक्ष्य हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करना है।

  • उन्होंने बताया कि नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों में वृद्धि से हजारों युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा मिल रही है।


क्या आप उत्तराखंड के किसी विशेष जिले में बनने वाले मेडिकल कॉलेज की प्रगति के बारे में जानकारी चाहते हैं?

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