हिमालय प्रहरी

रामनगर में जल स्रोत पर पानी लेने गई महिला पर बाघ का जानलेवा हमला: बर्तन फेंककर और शोर मचाकर महिलाओं ने बाघ को खदेड़ा; घायल उमा देवी निजी अस्पताल रेफर

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रामनगर (नैनीताल), 17 जून 2026: रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत कोटा रेंज से सटे राजस्व चोपड़ा गांव में मंगलवार शाम एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई है। यहाँ अपने घर से मात्र $50$ मीटर की दूरी पर स्थित एक प्राकृतिक जल स्रोत पर पानी भरने गई महिलाओं पर घात लगाकर बैठे एक वन्यजीव (बाघ) ने अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। इस अप्रत्याशित हमले से घबराने के बजाय महिलाओं ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। शोर मचाने और बर्तन फेंककर हमला करने के कारण बाघ को अंततः पीछे हटना पड़ा और वह जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ। इस हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसका उपचार रामनगर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

अदम्य साहस: उमा देवी ने बाघ पर फेंके बर्तन, सहेलियों ने मचाया शोर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्व चोपड़ा गांव निवासी उमा देवी (उम्र $40$ वर्ष, पत्नी भुवन चंद्र) मंगलवार शाम करीब चार बजे अपनी पड़ोस की महिलाओं— गंगा देवी और गीता देवी के साथ घर के पास ही पानी लेने गई थीं।

  • बाघ का अचानक हमला: महिलाएं जैसे ही जल स्रोत के समीप पहुंचीं, वहां पहले से झाड़ियों में छिपे बैठे धारियों वाले बाघ ने उमा देवी पर सीधा हमला कर दिया।

  • बहादुरी से बची जान: उमा देवी ने हौसला नहीं खोया और अपने हाथ में पकड़े स्टील के बर्तनों को बाघ की ओर फेंककर आत्मरक्षार्थ प्रहार किया। इसी बीच साथ आई गंगा देवी और गीता देवी ने बिना डरे जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया।

  • दूसरी महिला पर भी झपटा: शोर से बौखलाए बाघ ने गंगा देवी पर भी झपटने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं के सामूहिक प्रतिरोध और भारी चीख-पुकार के आगे हार मानकर वन्यजीव वापस घने जंगल की ओर भाग गया।

गर्दन पर आए गहरे घाव; बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती

बाघ के भागने के बाद तीनों डरी-सहमी महिलाएं किसी तरह भागकर गांव पहुंचीं और परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजन लहूलुहान अवस्था में उमा देवी को तत्काल रामनगर के सरकारी संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे। वन्यजीव के पंजों के हमले के कारण उमा देवी की गर्दन के पिछले हिस्से में गहरे घाव आए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद, बेहतर और उच्च स्तरीय विधिक चिकित्सा व्यवस्था के मद्देनजर परिजनों ने महिला को रामनगर के ही एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में रेफर करवा कर भर्ती कराया है, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को फिलहाल खतरे से बाहर बताया है।

नेताओं और वन अधिकारियों ने जाना हाल; घटनास्थल पर पिंजरा लगाने के निर्देश

घटना की सूचना मिलते ही रामनगर वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी (SDO) अंकित बडोला और कोटा रेंजर संजीव आर्या दलबल के साथ अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। वहीं, भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश नैनवाल ने भी अस्पताल पहुंचकर घायल महिला का हाल जाना और वन विभाग के उच्चाधिकारियों से हमलावर हिंसक जीव को तुरंत पकड़ने की मांग की।

मामले में प्रशासनिक और विधिक तैयारियों की जानकारी देते हुए उप प्रभागीय वनाधिकारी अंकित बडोला ने बताया:

“हमलावर वन्यजीव वास्तव में बाघ है या गुलदार, इसकी विधिक पुष्टि के लिए वन विभाग की टीम घटनास्थल पर भेजी गई है जो पगमार्क (Plaster Casts) और अन्य साक्ष्यों को खंगाल रही है। वन्यजीव की निगरानी के लिए प्रभावित क्षेत्र के आसपास कैमरा ट्रैप (Camera Traps) लगाए जा रहे हैं और सुरक्षा के मद्देनजर स्टाफ को तुरंत पिंजरा लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर घायल महिला के परिजनों को नियमानुसार विधिक मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। गांव के समीप वन्यजीव की सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों से अकेले जंगल न जाने और विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।”

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