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हल्द्वानी में पूर्व CM हरीश रावत की ‘धन्यवाद यात्रा’: पुलिस षड्यंत्र का लगाया आरोप; वेणुगोपाल और शैलजा को देंगे स्पष्टीकरण

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हल्द्वानी। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत की ‘धन्यवाद एवं जन संवाद यात्रा’ सोमवार रात को हल्द्वानी पहुंची। कांग्रेस कार्यालय स्वराज आश्रम में पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए हरीश रावत ने यात्रा के दौरान हुए कड़वे अनुभवों को साझा किया और पुलिस प्रशासन पर यात्रा को बाधित करने की साजिश का सीधा आरोप लगाया। वहीं, हाईकमान की नाराजगी पर उन्होंने साफ किया कि वे 7 अक्टूबर को दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर अपना रुख स्पष्ट करेंगे।
काशीपुर से भटकाया गया मार्ग, नहीं दी गई एस्कॉर्ट; पुलिस अधिकारियों पर बरसे हरदा
हल्द्वानी पहुंचे हरीश रावत ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यात्रा का पूरा विवरण पहले ही गृह सचिव और कुमाऊं कमिश्नर को दे दिया गया था। इसके बावजूद उधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में उनके काफिले के साथ षड्यंत्र हुआ। काशीपुर में क्षतिग्रस्त पुलिया का बहाना बनाकर मुख्य मार्ग से जाने की अनुमति नहीं दी गई और एस्कॉर्ट वाहन ने ही गाड़ियों के काफिले को गलत दिशा में भटका दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर ऐसा माहौल बना रही थी ताकि यात्रा ट्रैफिक जाम में फंसे और समय पर पूरी न हो पाए। रावत ने कहा कि इस तरह की घटिया राजनीति में शामिल अधिकारियों के लिए सरकार आने पर सीमांत क्षेत्रों में एक-डेढ़ साल की ‘कूलिंग ड्यूटी’ का प्रावधान किया जाना चाहिए।
7 अक्टूबर को केसी वेणुगोपाल और कुमारी शैलजा को देंगे स्पष्टीकरण
पार्टी हाईकमान द्वारा यात्रा को लेकर जताई गई नाराजगी और प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के पत्र पर हरीश रावत ने कहा कि वे 7 अक्टूबर को शाम 7 बजे कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल और प्रभारी कुमारी शैलजा से मुलाकात करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और वे प्रदेश के देवी-देवताओं व देवतुल्य जनता का आभार जताने निकले हैं। रावत ने कहा कि वे नेतृत्व के समक्ष अपनी बात रखेंगे, हालांकि उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब राज्य में कांग्रेस का कोई अन्य बड़ा जनसंपर्क अभियान नहीं चल रहा है, तो उनकी इस यात्रा से पार्टी के कार्यक्रमों पर क्या प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
उत्तराखंड की धरती मांग रही बदलाव; कार्यकर्ताओं में भरा जोश
हरीश रावत ने वर्ष 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए दावा किया कि उत्तराखंड की जनता अब बदलाव चाहती है। यात्रा के दौरान दूर-दराज के गांवों से आए बुजुर्गों और आम लोगों के समर्थन से यह साफ हो गया है कि जनता बीजेपी सरकार के खिलाफ मन बना चुकी है। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया। रावत ने कहा कि पार्टी हाईकमान यदि कोई समन्वित (Coordinated) कार्यक्रम तय करता है, तो वे अपनी आगे की प्रस्तावित यात्राओं को स्थगित करने पर भी विचार कर सकते हैं।
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