राजू अनेजा, लालकुआं। लालकुआं की राजनीति में चुनावी सरगर्मी भले अभी दूर हो, लेकिन सोशल मीडिया पर सियासी बहस ने जोर पकड़ लिया है। क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह बिष्ट के आगामी चुनाव को लेकर आत्मविश्वास से भरे बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कहीं क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं तो कहीं पुराने वीडियो और प्रसंगों के जरिए राजनीतिक कटाक्ष किए जा रहे हैं।
विधायक के दावे बनाम सोशल मीडिया के सवाल
विधायक की ओर से आगामी चुनाव में टिकट और जीत को लेकर भरोसा जताए जाने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनके कार्यकाल को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर पोस्ट और टिप्पणियां सामने आ रही हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर व्यक्त राय को पूरे क्षेत्र की जनता की राय मानना उचित नहीं होगा।
साढ़े चार साल का हिसाब’ मांग रहे यूजर्स
सोशल मीडिया पर चल रही बहस का एक बड़ा हिस्सा विधायक के अब तक के कार्यकाल और क्षेत्र में हुए विकास कार्यों पर केंद्रित है। समर्थक जहां उपलब्धियों को गिना रहे हैं, वहीं आलोचक कुछ स्थानीय समस्याओं को सामने रखकर सवाल पूछ रहे हैं। यही समर्थन और विरोध अब सोशल मीडिया पर तीखी बहस का रूप लेता जा रहा है।
गोला नदी वाला वीडियो भी बना कटाक्ष का विषय
विधायक के गोला नदी में उतरने से जुड़े पुराने प्रसंग को लेकर भी सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने मीम और व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा किए हैं। इन पोस्टों का मकसद राजनीतिक कटाक्ष नजर आता है, लेकिन इन्हें व्यक्तिगत टिप्पणी के बजाय सोशल मीडिया पर चल रही राजनीतिक बहस के हिस्से के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर ‘नेताजी’ ट्रेंड, असली तस्वीर चुनाव में
लालकुआं की सियासत में फिलहाल एक तरफ विधायक का आत्मविश्वास है तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर उनके कार्यकाल और स्थानीय समस्याओं को लेकर उठते सवाल। दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ मैदान में हैं। ऐसे में सोशल मीडिया की बहस कितनी वास्तविक जनभावना को दर्शाती है, इसका फैसला केवल चुनाव के दौरान ही हो सकेगा।
टिकट का फैसला हाईकमान के हाथ, जनता का फैसला ईवीएम में
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट किसे मिलेगा, यह पार्टी नेतृत्व तय करेगा और चुनाव में जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनेगी, इसका फैसला मतदाता करेंगे। फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रही बहस ने लालकुआं की राजनीति को जरूर गरमा दिया है। आने वाले दिनों में बिजली, पानी, सड़क और विकास के मुद्दे इस बहस को और धार देते हैं या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
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