हल्द्वानी: पनचक्की रोड पर सीवर लाइन के गड्ढों के कारण हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक सुरेश चंद्र पांडे (70 वर्ष) का आज रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान माहौल तब और गमगीन हो गया जब मृतक की दोनों बेटियों ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी।
बेटियों ने दी मुखाग्नि, बदहवास हुई पत्नी
हादसे की सूचना मिलने के बाद सोमवार सुबह मृतक की दोनों बेटियां, अतिशी और काव्या, हल्द्वानी पहुंचीं। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को चित्रशिला घाट ले जाया गया। वहां दोनों बेटियों ने ही मुखाग्नि दी और अन्य सभी क्रिया-कर्म संपन्न किए।
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पत्नी का हाल: सुरेश पांडे की पत्नी लता पांडे इस दुखद घटना के बाद से ही बदहवास हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
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रिश्तेदारों का दुख: पूर्व स्वास्थ्य निदेशक और मृतक के करीबी रिश्तेदार डॉ. जीसी दुर्गापाल ने बताया कि परिवार इस समय गहरे सदमे में है।
शिकायत से पीछे हटा परिवार
हादसे के पीछे प्रशासनिक लापरवाही और सड़कों की बदहाली को मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन शोकाकुल परिवार फिलहाल किसी भी कानूनी उलझन में पड़ने की स्थिति में नहीं है। डॉ. दुर्गापाल के अनुसार, परिवार ने अभी इस मामले में पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से इनकार किया है।
क्या था मामला?
ज्ञात हो कि रविवार को सुरेश चंद्र पांडे किसी अंत्येष्टि से लौट रहे थे, तभी पनचक्की रोड पर सीवर लाइन के लिए खोदे गए गड्ढों के कारण उनकी स्कूटी असंतुलित हो गई और वह पास से गुजर रहे ट्रक की चपेट में आ गए थे।
एक नजर में (Key Points)
| विवरण | जानकारी |
| मृतक | सुरेश चंद्र पांडे (सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक) |
| अंतिम संस्कार | चित्रशिला घाट, रानीबाग |
| मुखाग्नि | पुत्रियों (अतिशी और काव्या) द्वारा |
| परिवार का निर्णय | फिलहाल कोई पुलिस शिकायत नहीं |
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