
हल्द्वानी (नैनीताल), 25 जून 2026: मुखानी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां मध्य प्रदेश से हल्द्वानी आकर नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक १९ वर्षीय छात्रा ने अपने पीजी (PG) के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने खिड़की की जाली काटकर छात्रा को नीचे उतारा और सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है और मामले की गहनता से विधिक व तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
563 किमी दूर भाई की तर्ज पर डॉक्टर बनने आई थी अंजलि
प्राप्त आधिकारिक व प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान अंजलि जाटव (१९ वर्ष), पुत्री रघुवीर जाटव, निवासी- मानीपुरा कोलारस, शिवपुरी (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है।
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भाई की सफलता देखकर आए थे परिजन: अंजलि के पिता रघुवीर जाटव ने पूर्व में अपने बेटे को भी कोचिंग के लिए हल्द्वानी भेजा था, जिसने यहीं से पढ़ाई कर नीट परीक्षा पास की थी और वर्तमान में वह एम्स (AIIMS) भोपाल से विधिक रूप से मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। बेटे की सफलता से प्रेरित होकर परिजनों ने अपनी बेटी अंजलि को भी डॉक्टर बनाने का सपना संजोया था और ५६३ किलोमीटर दूर देवभूमि भेजा था।
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अभी शुरू होनी थीं नियमित कक्षाएं: अंजलि ने बीते ३० मई २०२६ को मुखानी स्थित एक प्रतिष्ठित निजी कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया था। वह अभी संस्थान में केवल ‘डेमो क्लासेस’ ले रही थीं, जबकि आगामी २९ जून २०२६ से उनकी नियमित कक्षाएं (Regular Batches) शुरू होनी थीं। वह मुखानी में खाटू श्याम मंदिर के पास कोचिंग से ही संबद्ध एक पेइंग गेस्ट (PG) में रह रही थीं।
देर रात युवक के फोन से हुआ खुलासा; जाली काटकर निकाला बाहर
घटनाक्रम के अनुसार, मंगलवार की देर रात एक अज्ञात युवक ने अंजलि की सहेली को फोन कर बताया कि अंजलि उसका फोन नहीं उठा रही है और कोई अनहोनी की आशंका है। सहेली द्वारा तुरंत इसकी जानकारी पीजी प्रबंधन और स्थानीय पुलिस को दी गई।
जब पुलिस और आस-पास के लोग कमरे के पास पहुंचे, तो दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की के माध्यम से देखा गया कि अंजलि पंखे से दुपट्टे के सहारे झूल रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आनन-फानन में खिड़की की लोहे की जाली को काटकर लोग भीतर दाखिल हुए और फंदे को काटकर उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने विधिक परीक्षण के बाद उसे ‘ब्रॉट डेड’ (मृत) घोषित कर दिया।
डायरी में मिला संदिग्ध संदेश; प्रेम प्रसंग की आशंका और जांच के बिंदु
कोतवाली और मुखानी थाना पुलिस को घटनास्थल से कोई औपचारिक सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन तलाशी के दौरान अंजलि की एक व्यक्तिगत डायरी पुलिस के हाथ लगी है, जिसने मामले को पूरी तरह से संदिग्ध बना दिया है।
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डायरी का रहस्यमयी नोट: डायरी के एक पन्ने पर लिखा मिला है— ‘…एक को छोड़ दिया है, दूसरे को नहीं छोड़ूंगी।’ इस पंक्ति के मिलने के बाद पुलिस प्रथम दृष्ट्या इसे गंभीर प्रेम प्रसंग (Love Affair) और मानसिक तनाव से जोड़कर देख रही है।
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तकनीकी साक्ष्य जुटा रही पुलिस: पुलिस ने मृतका का स्मार्टफोन अपने विधिक कब्जे में ले लिया है। अंजलि की कॉल डिटेल्स (CDR), सोशल मीडिया चैट्स और गूगल सर्च हिस्ट्री की बारीकी से फोरेंसिक व साइबर विंग के माध्यम से जांच की जा रही है। साथ ही, उस आखिरी युवक की विधिक पहचान की जा रही है जिसने अंजलि की सहेली को फोन कर फोन न उठने की सूचना दी थी।
स्वजनों के पहुंचने पर आज होगा पोस्टमार्टम: एसपी सिटी
घटना के बाद मध्य प्रदेश में रह रहे अंजलि के माता-पिता और भाई को विधिक सूचना दे दी गई है, जिसके बाद से परिवार गहरे सदमे और कोहराम में है। मामले की प्रशासनिक प्रगति और विधिक रुख को स्पष्ट करते हुए हल्द्वानी के एसपी सिटी (SP City) मनोज कत्याल ने बताया:
“छात्रा की मृत्यु के मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए हर संभावित विधिक एंगल से जांच की जा रही है। मृतका के परिजन गुरुवार (आज) हल्द्वानी पहुंच रहे हैं, जिनके समक्ष ही शव का पंचनामा भरकर डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। डायरी में मिले तथ्यों और मोबाइल की साइबर फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जो भी विधिक साक्ष्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
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