लालकुआं/देहरादून: दशकों से लंबित बिन्दुखत्ता को राजस्व ग्राम (Revenue Village) का दर्जा देने की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद, आगामी 25 फरवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस संबंध में आधिकारिक प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
📝 मुख्य सचिव की बैठक में हुआ अहम फैसला
देहरादून में मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगी। बैठक में प्रस्ताव के तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर विस्तृत मंथन किया गया:
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अधिकारियों को निर्देश: मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कैबिनेट से पहले सभी आवश्यक औपचारिकताएं और दस्तावेज तत्काल पूर्ण कर लिए जाएं।
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मौजूद अधिकारी: बैठक में प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु, सचिव वन सी. रविशंकर, और अपर सचिव राजस्व आनंद श्रीवास्तव समेत शासन के कई बड़े अधिकारी शामिल रहे।
🤝 क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता
लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने इस बैठक में प्रतिभाग किया और क्षेत्र की जनता का पक्ष मजबूती से रखा। विधायक बिष्ट ने बैठक के बाद अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा:
“बिन्दुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने का जो संकल्प हमने लिया है, उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। शुरू हमने किया है, पूरा भी हम ही करेंगे।”
🏘️ राजस्व ग्राम बनने से क्या होगा बदलाव?
बिन्दुखत्ता के राजस्व ग्राम घोषित होने से वहां के हजारों परिवारों को निम्नलिखित लाभ मिल सकेंगे:
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मालिकाना हक: निवासियों को उनकी भूमि का वैध स्वामित्व (Land Ownership) प्राप्त होगा।
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सरकारी सुविधाएं: स्कूल, अस्पताल और सड़कों जैसे बुनियादी ढांचे के लिए बजट आवंटित होना आसान हो जाएगा।
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ऋण की सुविधा: ग्रामीण अपनी भूमि पर बैंक से लोन (ऋण) प्राप्त कर सकेंगे।
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स्थायी निवास: क्षेत्र के विकास के लिए स्थायी योजनाएं लागू की जा सकेंगी।
🚩 क्षेत्र में उत्साह की लहर
कैबिनेट में प्रस्ताव आने की खबर मिलते ही बिन्दुखत्ता और लालकुआं क्षेत्र में खुशी का माहौल है। कुंदन चुफाल, जगदीश पंत, और प्रकाश आर्या समेत कई स्थानीय नेताओं ने इसे क्षेत्र की सबसे बड़ी जीत बताया है।
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