रामनगर (13 मार्च 2026): रामनगर के लगभग 250 छोटे-बड़े होटलों, रिसॉर्ट्स और होम स्टे के सामने भोजन व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति ठप होने से न केवल पर्यटकों का स्वाद बदल गया है, बल्कि आगामी शादियों के सीजन पर भी काले बादल मंडराने लगे हैं।
1. लकड़ी का चूल्हा और इलेक्ट्रिक भट्टी: नए विकल्प
गैस की कमी के कारण रिसॉर्ट्स ने अब खाना पकाने के वैकल्पिक तरीके अपना लिए हैं:
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पारंपरिक विधि: भारी मात्रा में खाना पकाने, सब्जियां उबालने और तलने (Frying) के लिए अब लकड़ी के चूल्हों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है।
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इलेक्ट्रिक भट्टी: जहां संभव है, वहां इलेक्ट्रिक भट्टियों का सहारा लिया जा रहा है, हालांकि भारी भीड़ के लिए यह नाकाफी साबित हो रही हैं।
2. पर्यटकों के मेनू (Menu) में बड़ा बदलाव
सिलेंडर बचाने के लिए होटलों ने अपने फूड मेनू से उन व्यंजनों को हटा दिया है जिनमें अधिक आंच या ज्यादा गैस की खपत होती है:
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क्या हटाया गया: पकोड़े, ब्रेड पकोड़े और डीप फ्राई होने वाले व्यंजन।
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क्या परोसा जा रहा: इनकी जगह अब पर्यटकों को सैंडविच, रोस्टेड आइटम्स और पेस्ट्री जैसे विकल्प दिए जा रहे हैं।
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तंदूर का उपयोग: कैटरर्स अब गैस के बजाय कोयले वाले तंदूरों पर अधिक निर्भर हो गए हैं।
3. कैटरर्स और पार्टियों के बीच तनाव
रामनगर के करीब 15 बारात घरों में भी स्थिति तनावपूर्ण है। कैटरर्स बलवीर के अनुसार, जिनके पास स्टॉक खत्म हो गया है, वे अब बुकिंग करने वाली पार्टियों (दूल्हा-दुल्हन पक्ष) से खुद सिलेंडर उपलब्ध कराने की शर्त रख रहे हैं।
Snapshot: रामनगर होटल इंडस्ट्री पर असर
| प्रभावित क्षेत्र | विवरण |
| संस्थान | 250+ होटल/रिसॉर्ट, 15+ बारात घर |
| वैकल्पिक ईधन | लकड़ी, कोयला (तंदूर), बिजली |
| खाद्य सामग्री | डीप फ्राई व्यंजन बंद, रोस्टेड आइटम्स की बढ़त |
| आगामी चुनौती | अप्रैल से शुरू होने वाला नया शादियों का सीजन |
अध्यक्ष का बयान
होटल रिसॉर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीमान सिंह ने बताया कि स्थिति गंभीर है। अगर अप्रैल में शादियों का सीजन शुरू होने से पहले आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो रामनगर के पर्यटन और इवेंट बिजनेस को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।
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