हिमालय प्रहरी

विधानसभा सत्र के अंतिम दिन भारी हंगामा; विपक्ष ने दिखाए आक्रामक तेवर, काले झंडे लहराए और फाड़ीं कार्यसूची की प्रतियां, हंगामे के बीच 7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित

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गैरसैंण (चमोली)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित विधानसभा के तीन दिवसीय सत्र के अंतिम दिन विपक्षी दल कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बेहद आक्रामक तेवर अपनाए। भ्रष्टाचार पर कार्यस्थगन की सूचना अस्वीकार होने से आक्रोशित कांग्रेस विधायकों ने सदन के भीतर जमकर हंगामा और नारेबाजी की। इस दौरान संसदीय मर्यादाएं भी तार-तार होती नजर आईं।
विपक्षी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सम्मुख (वेल में) पहुंचकर नारेबाजी की, काले झंडे लहराए, कार्यसूची की प्रतियां फाड़कर हवा में उछालीं और विधानसभा सचिव की टेबल पर पुस्तकें पटकीं। विपक्ष के इस तीव्र विरोध और वेल में लगातार जारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को तीन बार स्थगित करना पड़ा। आखिरकार, हंगामे के बीच ही सरकार ने 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट समेत 10 महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराए, जिसके बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर वेल में उतरा विपक्ष

बुधवार सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की मांग रखी। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने इस सूचना को अस्वीकार कर दिया। इसके तुरंत बाद ही आक्रोशित कांग्रेस विधायक अध्यक्ष आसन के सम्मुख वेल में आ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए काले झंडे लहराने लगे।
स्थिति बिगड़ते देख अध्यक्ष ने कार्यवाही को पहले सुबह 11.20 बजे तक के लिए स्थगित किया, लेकिन इसके बाद भी विपक्ष का हंगामा शांत नहीं हुआ और लगातार गतिरोध बना रहा।

‘सदन में ये क्या खेल कर रहे हैं विधायक’— विधानसभा अध्यक्ष की तल्ख टिप्पणी

कांग्रेस विधायकों के इस अमर्यादित आचरण पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कड़ा ऐतराज जताते हुए तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यसूची व अन्य पत्रावलियों को फाड़कर उछाल रहे कांग्रेस विधायक आखिरकार सदन के भीतर यह कैसा खेल कर रहे हैं?
अध्यक्ष ने इस बात पर भी गहरा असंतोष व्यक्त किया कि नारेबाजी के दौरान विपक्षी सदस्यों की ओर से “झुमका” जैसे अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जो कि सदन की गरिमा के सर्वथा विपरीत है।

हंगामे के बीच 7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट व 10 विधेयक पास

सदन में जारी भारी शोर-शराबे और विपक्ष की अनुपस्थिति जैसी स्थिति के बीच धामी सरकार ने वित्तीय वर्ष का 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित करा लिया। इसके साथ ही विभिन्न विभागों से जुड़े 10 अन्य विधायी विधेयकों को भी सदन की मंजूरी मिल गई। विधायी कार्य पूर्ण होने के पश्चात विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र समाप्ति की घोषणा करते हुए सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
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