
राजू अनेजा,काशीपुर/जसपुर। जसपुर क्षेत्र में शुक्रवार रात पुलिस टीम पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। कोर्ट के गैर-जमानती वारंटी को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर आरोपियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। हमलावरों ने पुलिसकर्मियों को घेरकर बेरहमी से पीटा, उनकी वर्दी फाड़ डाली और पुलिस हिरासत से वारंटी को छुड़ाकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
वारंटी की तलाश में गांव पहुंची थी पुलिस टीम
जानकारी के अनुसार पतरामपुर चौकी में तैनात उपनिरीक्षक गोविंद सिंह मेहता और कांस्टेबल सुभाष डुंगरियाल शुक्रवार रात करीब नौ बजे भोगपुर डाम नंबर-2 गांव पहुंचे थे। पुलिस टीम आबकारी अधिनियम के तहत वांछित चल रहे गैर-जमानती वारंटी सुखविंदर सिंह पुत्र स्वर्गीय बिशन सिंह को गिरफ्तार करने गई थी।
पुलिस ने जैसे ही सुखविंदर सिंह को उसके घर के आंगन से हिरासत में लिया और गिरफ्तारी मेमो तैयार करना शुरू किया, तभी उसने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते आसपास के लोग मौके पर जमा होने लगे और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
महिलाओं समेत कई लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर पहुंचे
पुलिस के मुताबिक शोर सुनते ही वारंटी की मां शिलो कौर, पत्नी मंजीत कौर, भाई मंगत सिंह, चचेरा भाई संदीप सिंह, राजू सिंह और जगपाल सिंह उर्फ जस्सा मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि सभी लोग लाठी-डंडों और धारदार पाठल से लैस थे।
दरोगा गोविंद सिंह मेहता ने जब आरोपियों को कोर्ट का वारंट दिखाकर सरकारी कार्रवाई में बाधा न डालने को कहा, तो माहौल और भड़क गया। आरोपियों ने पुलिस टीम को घेर लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी।
वारंट छीना, फाड़ा… फिर पुलिस टीम पर बोल दिया हमला
बताया जा रहा है कि इसी दौरान शिलो कौर ने पुलिसकर्मियों के हाथ से कोर्ट का वारंट छीनने की कोशिश की, जिससे वारंट का हिस्सा फट गया। इसके बाद सभी आरोपियों ने एकराय होकर पुलिस टीम पर हमला बोल दिया।
हमलावरों ने दरोगा और सिपाही के साथ जमकर मारपीट की। आरोप है कि संदीप सिंह ने पुलिसकर्मियों पर धारदार पाठल से जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। दोनों पुलिसकर्मियों ने किसी तरह खुद को बचाया, लेकिन हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
दारोगा और सिपाही की वर्दी से नोचे स्टार और बैच
हमलावरों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने पुलिसकर्मियों की वर्दी तक नहीं छोड़ी। मारपीट के दौरान दरोगा गोविंद सिंह मेहता और कांस्टेबल सुभाष डुंगरियाल की वर्दी से स्टार और बैच फ्लैप समेत खींचकर उखाड़ दिए गए।
घटना के दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई। हालात इतने बिगड़ गए कि घायल पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए गांव से भागना पड़ा। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर आरोपी अपने साथी सुखविंदर सिंह को पुलिस हिरासत से छुड़ाकर फरार हो गए।
सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे कोतवाल
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली जसपुर प्रभारी निरीक्षक राजेश पांडे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि तब तक सभी आरोपी मौके से फरार हो चुके थे।
घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुर पहुंचाया गया, जहां उनका मेडिकल कराया गया। घटना के बाद पुलिस विभाग में भी भारी नाराजगी देखी गई।
दो महिलाओं समेत सात लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा
उपनिरीक्षक गोविंद सिंह मेहता की तहरीर पर पुलिस ने दो महिलाओं समेत सात नामजद आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने, मारपीट, पुलिस हिरासत से वारंटी छुड़ाने और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कच्ची शराब तस्करी से भी जुड़ा है आरोपियों का नाम
कोतवाल राजेश पांडे के अनुसार आरोपी क्षेत्र में कच्ची शराब की तस्करी में भी लिप्त बताए जा रहे हैं। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
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