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जनसेवा के पथ से विधानसभा के शिखर तक… कमलेश चंदोला की बढ़ती सियासी दस्तक

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गरीबों के बीच बनाई अलग पहचान, संगठन में सक्रियता और जनता से जुड़ाव ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा

राजू अनेजा, लालकुआं। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन लालकुआं विधानसभा में राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। भाजपा के संभावित चेहरों को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। इन्हीं चर्चाओं के केंद्र में पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं युवा भाजपा नेता कमलेश चंदोला का नाम भी तेजी से उभर रहा है। समर्थकों का मानना है कि वर्षों की जनसेवा, संगठन के प्रति निष्ठा और जनता के बीच लगातार सक्रियता ने उन्हें मजबूत दावेदारों की कतार में ला खड़ा किया है।

 

राजनीति से पहले जनसेवा को दी प्राथमिकता

कमलेश चंदोला का नाम क्षेत्र में केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में नहीं, बल्कि समाजसेवी के रूप में भी लिया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद, जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाना और संकट के समय लोगों के साथ खड़े रहना उनकी पहचान का हिस्सा रहा है। समर्थकों का कहना है कि उन्होंने जनसेवा को कभी चुनावी कार्यक्रम नहीं बनाया, बल्कि अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया।

कोरोना काल में घर-घर पहुंचाई राहत

 

कोरोना महामारी के दौरान जब लोग घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे थे, तब कमलेश चंदोला अपनी टीम के साथ राशन और आवश्यक सामग्री लेकर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। समर्थकों के अनुसार उन्होंने कई परिवारों की मदद कर यह संदेश दिया कि संकट के समय समाज के साथ खड़ा होना ही सबसे बड़ी राजनीति है।

सर्द रातों में जरूरतमंदों तक पहुंची गर्माहट

 

कड़ाके की ठंड में सड़क किनारे रात गुजार रहे लोगों तक आधी रात को कंबल और रजाइयां पहुंचाना उनकी पहचान का हिस्सा बन चुका है। हर वर्ष इस अभियान के जरिए कई जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाई जाती है।

धार्मिक, सामाजिक और खेल आयोजनों में बराबर भागीदारी

 

क्षेत्र में होने वाले धार्मिक उत्सव, सामाजिक कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताओं में कमलेश चंदोला की सक्रिय भागीदारी लगातार देखने को मिलती है। आयोजकों के अनुसार वे केवल मंच साझा नहीं करते, बल्कि कार्यक्रमों के सफल आयोजन में भी सहयोग देते हैं।

संगठन और प्रदेश नेतृत्व से मजबूत तालमेल

 

भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहने के कारण कमलेश चंदोला की प्रदेश नेतृत्व के साथ अच्छी पकड़ मानी जाती है। समर्थकों का मानना है कि संगठनात्मक अनुभव और जनसंपर्क का यही संतुलन उन्हें अन्य दावेदारों से अलग पहचान देता है।

 

 

संघ की पृष्ठभूमि, संगठन का लंबा अनुभव

 

युवा वरिष्ठ भाजपा नेता कमलेश चंदोला लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा से जुड़े रहे हैं। समर्थकों के अनुसार उन्होंने वर्षों तक संघ में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। संघ में लंबे अनुभव के कारण उनकी संगठन पर अच्छी पकड़ मानी जाती है। भाजपा में भी संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यशैली को उनकी प्रमुख ताकतों में गिना जाता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जनसेवा के साथ-साथ संगठनात्मक अनुभव भी उन्हें एक मजबूत राजनीतिक दावेदार के रूप में स्थापित करता है।

 

युवा, महिला और वरिष्ठ वर्ग में बढ़ता समर्थन

राजनीतिक चर्चाओं के बीच यह भी कहा जा रहा है कि कमलेश चंदोला ने केवल एक वर्ग नहीं, बल्कि युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। यही कारण है कि उनके समर्थन का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।

 

टिकट मिला तो हैट्रिक का दावा

कमलेश चंदोला का कहना है कि यदि पार्टी नेतृत्व उन पर विश्वास जताता है तो वे लालकुआं विधानसभा सीट पर भाजपा की लगातार तीसरी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे। उनका दावा है कि जनता के आशीर्वाद और कार्यकर्ताओं की मेहनत के दम पर लालकुआं में कमल की हैट्रिक के साथ प्रदेश में भी भाजपा की लगातार तीसरी सरकार बनाने में योगदान देंगे।

 

चर्चा तेज, फैसला नेतृत्व के हाथ

लालकुआं की सियासत में कमलेश चंदोला की सक्रियता और जनसेवा को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। हालांकि टिकट किसे मिलेगा, इसका निर्णय भाजपा नेतृत्व करेगा, लेकिन समर्थकों का मानना है कि यदि वर्षों की जनसेवा, संगठन के प्रति समर्पण और जनता के बीच स्वीकार्यता को आधार बनाया गया, तो कमलेश चंदोला का दावा मजबूत माना जाएगा।

 

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