कानपुर (21 अप्रैल 2026): किदवईनगर क्षेत्र में दिल दहला देने वाले जुड़वा बेटियों के हत्याकांड में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी पिता शशिरंजन ने इस खूनी वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग की थी और घर में लगे सभी छह सीसीटीवी कैमरों का रुख मोड़ दिया था ताकि उसकी करतूत कैद न हो सके।
निगरानी के लिए लगवाए थे 6 कैमरे
आरोपी की पत्नी रेशमा ने पुलिस को बताया कि वह अपने पति के असामान्य व्यवहार से बेहद डरी हुई थी। इसी डर के चलते उसने घर के एंट्री पॉइंट, हॉल, रसोई और कमरों में कुल छह सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, जिसका एक्सेस उसके मोबाइल पर रहता था। रेशमा ने बताया कि 6 फरवरी 2024 को अपनी मां के निधन के बाद से शशिरंजन मानसिक रूप से अस्थिर था और अक्सर कहता था, “मैं मरना चाहता हूं और अपनी बेटियों को भी साथ ले जाऊंगा।”
वारदात से पहले बदला कैमरों का एंगल
पुलिस के अनुसार, जिस कमरे में बेटियों की हत्या की गई, वहां भी कैमरा लगा था। लेकिन शातिर पिता ने वारदात से पहले सभी कैमरों का एंगल बदलकर ऊपर की ओर कर दिया था। रेशमा ने बताया कि शनिवार रात 2:30 बजे उसने आखिरी बार पति को बेटी सिद्धि के साथ कमरे में जाते देखा था, जिसके बाद वह अपने छोटे बेटे रुद्रव के साथ गहरी नींद में सो गई। उसे घटना का पता तब चला जब पुलिस ने दरवाजा खटखटाया।
“मेरी बेटियां हैं, कैसे छोड़ दूं”
पोस्टमार्टम के लिए जब बच्चियों के शव बाहर निकाले गए, तो रेशमा बदहवास होकर उनके पीछे भागने लगी। वह पुलिसकर्मियों से लिपटकर चीखने लगी— “ये मेरी बेटियां हैं, मैंने इन्हें जन्म दिया है, इन्हें ऐसे कैसे छोड़ दूं।” वहीं, बिस्तर से उठकर आया मासूम बेटा रुद्रव घर में पुलिस की भीड़ को हैरानी से निहारता रहा, वह इस बात से पूरी तरह अनजान था कि उसके पिता ने ही उसकी बहनों को मौत की नींद सुला दिया है।
आपसी अनबन और व्यक्तिगत मामला
पुलिस पूछताछ में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से अनबन की बात सामने आई है। आरोपी पिछले पांच माह से पत्नी से अलग कमरे में अपनी बेटियों के साथ सोता था। हालांकि, विवाद की असली वजह क्या थी, इस पर रेशमा और आरोपी शशिरंजन दोनों ने ही चुप्पी साध रखी है और इसे अपना “व्यक्तिगत मामला” बताया है।
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