बागेश्वर (30 अप्रैल 2026): बागेश्वर जिले के कपकोट और धूर-सोराग क्षेत्र में बुधवार को हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। उधर, मंगलवार शाम आए भीषण आंधी-तूफान ने बिजली लाइनों को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिससे जिले के 80 से अधिक गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। प्रशासन अब नुकसान के आकलन और व्यवस्थाएं बहाल करने में जुटा है।
एक घंटे की ओलावृष्टि ने छीना किसानों का निवाला
बुधवार दोपहर करीब एक बजे कपकोट के उच्च हिमालयी क्षेत्रों और धूर-सोराग इलाके में लगभग एक घंटे तक जबरदस्त ओलावृष्टि हुई।
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फसलों को नुकसान: ओलों की मार से आलू, प्याज, धनिया के साथ-साथ बेल वाली सब्जियां (लौकी, कद्दू, तुरई) पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।
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गेहूं की मड़ाई प्रभावित: इन दिनों पहाड़ों में गेहूं की कटाई और मड़ाई का काम चल रहा है, जो बारिश के कारण बीच में ही रुक गया है।
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किसानों की मांग: स्थानीय किसान गंगा सिंह और राम सिंह दानू ने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने आश्वासन दिया है कि राजस्व विभाग जल्द ही नुकसान का आकलन करेगा।
बिजली संकट: 20 पोल टूटे, 5 लाख का नुकसान
मंगलवार देर शाम आए अंधड़ ने जिले के ऊर्जा ढांचे को झकझोर दिया है।
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गांवों में अंधेरा: दुगनाकुरी और कांडा तहसील क्षेत्र में लाइनों पर पेड़ गिरने और 20 बिजली के खंभे टूटने से 80 से अधिक गांवों की बिजली 24 घंटे से अधिक समय से गुल है।
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शहर का हाल: बागेश्वर नगर के ठाकुरद्वारा, मंडलसेरा और कांडा रोड जैसे क्षेत्रों में भी रात भर बिजली न होने से लोग परेशान रहे।
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पेयजल संकट: मंडलसेरा में बिजली न होने से पंपिंग ठप हो गई, जिससे पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।
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यूपीसीएल की कार्रवाई: एसडीओ आनंद खोलिया ने बताया कि विभाग को करीब 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। लाइनमैन जोखिम के बावजूद आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं।
हादसे को दावत देता जर्जर पोल
पिंडारी रोड स्थित ठाकुरद्वारा वार्ड में एक लकड़ी का बिजली का पोल टूटने की कगार पर है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यह पोल कभी भी गिर सकता है, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। लोगों ने विभाग से इसे तत्काल बदलने की मांग की है।
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