टायर फैक्ट्री में दूषित पानी का कहर; 250 से अधिक कर्मचारी बीमार, दो दर्जन से ज्यादा अस्पताल में भर्ती

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लक्सर/हरिद्वार (30 अप्रैल 2026): हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र स्थित एक नामी टायर फैक्ट्री में ‘फूड पॉइजनिंग’ जैसा बड़ा मामला सामने आया है। फैक्ट्री में उपलब्ध पानी पीने के बाद एक के बाद एक करीब 250 कर्मचारियों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। आनन-फानन में बीमार कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार दिया गया, जिनमें से गंभीर रूप से बीमार 25 से अधिक कर्मियों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा है।

अचानक बिगड़ी तबीयत, मची अफरातफरी

करीब 6 हजार कर्मचारियों वाली इस फैक्ट्री में बुधवार को काम के दौरान अचानक कर्मचारियों ने पेट में मरोड़ और उल्टी की शिकायत शुरू की।

  • प्राथमिक उपचार: बीमार पड़े अधिकांश कर्मचारियों को फैक्ट्री परिसर के भीतर स्थित डिस्पेंसरी में ही उपचार दिया गया।

  • अस्पताल रेफर: 25 से ज्यादा कर्मचारियों की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें लक्सर और हरिद्वार के विभिन्न निजी व सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वर्तमान में इन सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।

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दूषित पानी पर गहराया शक

कर्मचारियों का स्पष्ट आरोप है कि फैक्ट्री में सप्लाई किए जा रहे पानी के सेवन के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ी। कर्मचारियों के अनुसार, पानी का स्वाद और गुणवत्ता संदिग्ध थी।

  • प्रबंधन का कदम: मामले की गंभीरता को देखते हुए फैक्ट्री प्रबंधन ने आंतरिक टैंकों से पानी की सप्लाई तत्काल रोक दी है और वर्तमान में टैंकरों के माध्यम से बाहर से पानी मंगाया जा रहा है।

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लैब रिपोर्ट का इंतजार

फैक्ट्री के एचआर हेड आलोक कुमार ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और प्रभावित कर्मचारियों का बेहतर उपचार कराया जा रहा है।

  • जांच प्रक्रिया: फैक्ट्री के पानी के सैंपल लैब भेजे गए हैं। शुरुआती जांच में कुछ मानक सही पाए गए हैं, लेकिन बैक्टीरिया जांच (Bacteriological Test) के लिए एक विशेष सैंपल भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के सटीक कारण का पता चल सकेगा।

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प्रशासनिक सतर्कता

घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अलर्ट हो गई है। फैक्ट्री के भीतर स्वच्छता मानकों और पेयजल की व्यवस्था की जांच की जा रही है। प्रशासन ने फैक्ट्री प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि जब तक पानी की शुद्धता की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था ही जारी रखी जाए।