
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त फैसला लेते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट में तैनात सरकार की भारी-भरकम वकीलों की फौज को एकदम से कम कर दिया है. शनिवार को सरकार ने पुरानी टीम को हटाने का फैसला किया था.
यानी हाई कोर्ट में सरकार की पैरवी करने वाले वकीलों के पूरे के पूरे पैनल को सरकार ने बदल दिया था, जबकि रविवार को छुट्टी के बावजूद नई टीम का ऐलान कर दिया गया. अब वकीलों के नए पैनल का ऐलान कर दिया गया है जो सरकार का पक्ष हाईकोर्ट के सामने रखेगी, नए पैनल में कुल 29 वकीलों को जगह दी गई है.
नई घोषणा के मुताबिक जेपी जोशी और अमरेंद्र प्रताप सिंह को नया एडिशनल एडवोकेट जनरल बनाया गया है, जबकि डिप्टी एडवोकेट जनरल सिविल के पद पर ममता बिष्ट, केएन जोशी और सुनील खेड़ा की नियुक्ति हुई है. डिप्टी एडवोकेट जनरल क्रिमिनल के पद पर नैनीताल और उधम सिंह नगर से सांसद और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट की पत्नी पुष्पा भट्ट, अमित भट्ट और विनोद कुमार जैमिनी की नियुक्ति की गई है. पूरन सिंह बिष्ट, पीसी बिष्ट, अनिल कुमार डबराल और गंगा सिंह नेगी को एडिशनल चीफ स्टैंडिंग काउंसिल बनाया गया है.
इसके अलावा जगदीश सिंह बिष्ट, इंद्रपाल कोहली, रंजन घिल्डियाल, सुयश पंत और योगेश चंद्र तिवारी को स्टैंडिंग काउंसिल बनाया गया है. कुलदीप सिंह रावल सरकार के नए असिस्टेंट गवर्नमेंट एडवोकेट होंगे. प्रमोद चंद्र तिवारी, वीरेंद्र सिंह रावत और राकेश कुमार जोशी के आपराधिक मामलों से जुड़े हुए ब्रीफ होल्डर होंगे, जबकि सिविल साइड से जुड़े मामलों के लिए पूजा बंगा, तरुण लखेरा, श्याम सुंदर चौधरी, मोहेंद्र सिंह बिष्ट, रमेश चंद्र जोशी, मोहित मौलेखी, सचिन मोहन सिंह मेहता और अंकुश नेगी ब्रीफ होल्डर का काम देखेंगे.
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