
लालकुआं/बिंदुखत्ता: लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पुराना बिंदुखेड़ा स्थित स्वयंवर बैंक्वेट हॉल में विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट के द्वितीय दिवस के प्रवास कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। ‘जैविक एवं प्राकृतिक खेती’ विषय पर आयोजित इस विधिक व कृषि जागरूकता कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों, युवाओं और मातृशक्ति ने भारी संख्या में शिरकत की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कृषकों को पारंपरिक रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक कृषि नवाचारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना रहा।
मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए जैविक खेती आवश्यक: विधायक बिष्ट
कार्यशाला में उपस्थित जनसमूह और कृषकों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि व विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने भूमि और स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला।
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रासायनिक खेती के दुष्परिणाम: उन्होंने कहा कि अंधाधुंध रसायनों के प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति क्षीण हो रही है और मानव स्वास्थ्य पर इसके गंभीर विपरीत प्रभाव पड़ रहे हैं।
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आर्थिक समृद्धि का माध्यम: विधायक ने आह्वान किया कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ी को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए किसानों को प्राकृतिक कृषि की ओर कदम बढ़ाना होगा। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए गुणकारी है, बल्कि बाजार में जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण किसानों की आर्थिक समृद्धि का भी एक मजबूत विधिक आधार है।
2006 से बिजली कनेक्शनों पर लगी विधिक रोक को हटवाया; बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
कृषि विमर्श के बीच ही क्षेत्रीय विकास का विधिक ब्योरा रखते हुए विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने बिंदुखत्ता वासियों के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 से बिंदुखत्ता क्षेत्र में नए बिजली कनेक्शनों को जारी करने और संपूर्ण विद्युतीकरण पर एक विधिक रोक लगी हुई थी, जिससे हजारों परिवार दशकों से अंधेरे में रहने को विवश थे।
विधायक ने रेखांकित किया कि उनके व्यक्तिगत और निरंतर विधिक प्रयासों के फलस्वरूप इस दीर्घकालिक रोक को पूरी तरह से हटवा दिया गया है। वर्तमान में क्षेत्र के विद्युत ऊर्जीकरण और बुनियादी ढांचे के उच्चीकरण के लिए करोड़ों रुपये की सरकारी विधिक योजनाओं पर धरातल पर कार्य चल रहा है, जो उनके वर्तमान कार्यकाल की एक ऐतिहासिक और जनहितैषी उपलब्धि है।
राजस्व गांव के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा; भ्रमित करने वालों से सावधान रहने की अपील
बिंदुखत्ता के सबसे संवेदनशील और बहुप्रतीक्षित ‘राजस्व गांव’ के विधिक दर्जे पर बोलते हुए विधायक ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिंदुखत्ता को पूर्ण राजस्व गांव का विधिक अधिकार दिलाने के लिए शासन और सरकार के स्तर पर लगातार विधिक पैरवी व गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।
बिना किसी राजनैतिक दल या नेता का नाम लिए उन्होंने चुनावी राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा:
“कुछ राजनैतिक तत्व ऐसे हैं जो केवल चुनाव नजदीक आते ही वोट बैंक और राजनीतिक लाभ के विधिक स्वार्थ में क्षेत्र की भोली-भाली जनता के बीच आकर उन्हें राजस्व गांव के नाम पर भ्रमित करने का प्रयास करते हैं। आश्चर्य की बात यह है कि जैसे ही चुनाव समाप्त होते हैं, इन मौसमी नेताओं का क्षेत्र की समस्याओं और यहाँ के विधिक विकास से कोई सरोकार नहीं रह जाता। जनता को ऐसे भ्रम फैलाने वाले तत्वों से विधिक रूप से सचेत रहने की आवश्यकता है।”
वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण संगठनात्मक और सामाजिक कार्यशाला के सफल संचालन में भाजपा के विभिन्न मंडलों और मोर्चों के पदाधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व:
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वरिष्ठ संगठन पदाधिकारी: श्री दिनेश खुल्बे (वरिष्ठ भाजपा नेता), श्री विजय रोहित दुमका (मंडल अध्यक्ष), श्री अरुण जोशी (मंडल अध्यक्ष), श्री प्रकाश आर्य (जिला मंत्री)।
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प्रमुख कार्यकर्ता व गणमान्य: वरिष्ठ भाजपा नेता कुंदन सिंह चुफाल, भाजयुमो जिला कार्यालय मंत्री मनीष बोरा, विजय जोशी, पप्पू कोश्यारी, विनोद भट्ट, नरेंद्र सिंह मेहरा, जगदीश पंत, राकेश जोशी, रमेश कुन्याल, अभिषेक शर्मा, सोनू पांडे और हरेंद्र बिष्ट।
कार्यशाला के विधिक समापन पर उपस्थित सभी कृषकों और क्षेत्रीय नागरिकों ने चरणबद्ध तरीके से अपनी कृषि भूमि पर जैविक व प्राकृतिक खेती के विधिक मानकों को अपनाने और धरती माता को रसायन मुक्त बनाने का सामूहिक विधिक संकल्प लिया।
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