फतेहपुर वन क्षेत्र: पनियाली (फतेहपुर वन क्षेत्र) में श्रीमती कमला फ़र्त्याल की बाघ के हमले में हुई दर्दनाक मृत्यु के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। इस घटना को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
घटना और आक्रोश के मुख्य बिंदु:
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प्रशासनिक विफलता का आरोप: स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मृत्यु प्रशासन और बड़े पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों की घोर विफलता है।
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पुरानी घटनाओं की पुनरावृत्ति: पूर्व में भी गांधी आश्रम क्षेत्र में इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन धरातल पर कार्रवाई शून्य रहती है।
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आदमखोर का खौफ: क्षेत्रवासी लगातार बाघ और गुलदार के आतंक के साये में जीने को मजबूर हैं।
अनिश्चितकालीन तालाबंदी की चेतावनी
सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि:
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यदि शीघ्र ही आदमखोर बाघ को पकड़ा या समाप्त नहीं किया गया, तो वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय, फतेहपुर में अनिश्चितकालीन तालाबंदी की जाएगी।
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इस तालाबंदी और उससे उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी।
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ग्रामीणों का कहना है कि अब उनका धैर्य समाप्त हो चुका है और जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्षेत्र की स्थिति एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
| मृतक का नाम | श्रीमती कमला फ़र्त्याल |
| प्रभावित क्षेत्र | पनियाली (फतेहपुर वन क्षेत्र) |
| आंदोलन की चेतावनी | वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय की तालाबंदी |
| प्रमुख मांग | आदमखोर को तुरंत पकड़ना या मारना |
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