रुद्रपुर: उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर क्षेत्र में देर रात एक अत्यंत हृदयविदारक दुर्घटना सामने आई है। यहाँ नशे की हालत में रेलवे ट्रैक के समीप बैठे एक श्रमिक का हाथ पटरियों पर आ जाने से गुजरती ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसा इतना भयावह था कि ट्रेन की पहियों के नीचे आने से मजदूर का हाथ कोहनी के पास से बुरी तरह कट गया। गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान अवस्था में पड़े मजदूर को स्थानीय समाजसेवियों और पुलिस की मुस्तैदी से तत्काल $108$ एंबुलेंस सेवा के माध्यम से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
पश्चिम बंगाल का रहने वाला है घायल बुजुर्ग; प्लाईवुड कंपनी में करता है काम
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुआ श्रमिक वृद्ध है।
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पहचान और मूल निवास: घायल बुजुर्ग की पहचान नंदा दास के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल का निवासी है।
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रुद्रपुर में रोजगार: वर्तमान में वह रुद्रपुर स्थित ‘त्रिमूर्ति प्लाईवुड कंपनी’ में एक दिहाड़ी मजदूर के रूप में कार्यरत है और यहीं रहकर अपना गुजर-बसर कर रहा था।
नशे की हालत में पटरी पर ही सो गया था बुजुर्ग; चीख-पुकार से मची अफरा-तफरी
चश्मदीदों के अनुसार, शनिवार देर रात नंदा दास कथित रूप से अत्यधिक नशे की हालत में रेलवे ट्रैक के ठीक पास बैठा हुआ था। नशा ज्यादा होने के कारण वह संतुलन खो बैठा और पटरी के किनारे ही आराम करते-करते गहरी नींद में सो गया। इसी दौरान अनजाने में उसका एक हाथ सीधे लोहे की रेलवे लाइन के ऊपर आ गया।
कुछ ही समय बाद वहां से गुजर रही एक तेज रफ्तार ट्रेन नंदा दास के हाथ को कुचलती हुई निकल गई। हाथ कटने के बाद बुजुर्ग दर्द से बुरी तरह चीखने लगा। मौके पर भारी मात्रा में खून फैल गया, जिसे देखकर आसपास के राहगीरों और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की भनक लगते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
समाजसेवी हिमांशु बाबा और सुशील गाबा ने बढ़ाई मदद; ठेकेदार को दी सूचना
इस विकट संकट के समय स्थानीय समाजसेवियों ने त्वरित विधिक व मानवीय तत्परता दिखाई। क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवी हिमांशु बाबा और उनके सहयोगियों ने पुलिस के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
“हादसे में नंदा दास का हाथ बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था और शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) होने के कारण वे अचेत अवस्था में थे, जिससे उनकी स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई थी। हमने त्वरित प्राथमिक उपचार देकर उन्हें अस्पताल भिजवाया। साथ ही, जिस ठेकेदार के माध्यम से नंदा दास यहाँ काम करने आया था, उससे संपर्क कर हादसे की पूरी विधिक जानकारी दे दी गई है, और ठेकेदार भी अस्पताल पहुंच चुका है।”
— हिंमाशू बाबा, स्थानीय समाजसेवी
वहीं, दूसरे समाजसेवी सुशील गाबा ने पीड़ित के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि घायल श्रमिक को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और दवाइयों का विधिक प्रबंध करना उनकी प्राथमिकता है। जरूरत पड़ने पर पीड़ित परिवार की हर संभव आर्थिक और व्यावहारिक सहायता की जाएगी।
लापरवाही और नशा बना हादसे का कारण: एसएसआई अनिल जोशी
मामले की विधिक जांच और प्रगति के संबंध में रुद्रपुर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSI) अनिल जोशी ने बताया:
“रेलवे पुलिस और स्थानीय कोतवाली पुलिस संयुक्त रूप से इस दुर्घटना के सभी पहलुओं की विधिक जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच और चश्मदीदों के बयानों से साफ है कि अत्यधिक नशे की स्थिति और रेलवे ट्रैक जैसी संवेदनशील जगह पर सोना ही इस भीषण हादसे का मुख्य कारण बना है। पीड़ित के विधिक बयान दर्ज करने की प्रक्रिया अस्पताल प्रबंधन की अनुमति के बाद शुरू की जाएगी।”
— अनिल जोशी, एसएसआई, रुद्रपुर
पुलिस प्रशासन ने इस विधिक हादसे के माध्यम से आम जनता और श्रमिकों से अपील की है कि वे रेलवे लाइनों और पटरियों के आसपास चलते समय विशेष विधिक सावधानी बरतें। किसी भी परिस्थिति में रेलवे ट्रैक पर बैठने, सेल्फी लेने या सोने जैसी आत्मघाती और जोखिम भरी गतिविधियों से पूरी तरह दूर रहें, क्योंकि ऐसी लापरवाही सीधे तौर पर जान के लिए बड़ा विधिक खतरा साबित हो सकती है।
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