पिथौरागढ़/धारचूला (30 अप्रैल 2026): पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अप्रैल के अंतिम दिनों में भी हिमपात का सिलसिला जारी है। बुधवार को धारचूला की व्यास व दारमा घाटी और मुनस्यारी के मिलम सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई। दो दिन बाद शुरू होने वाली ‘आदि कैलाश यात्रा’ के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा है।
दोपहर बाद बदला मौसम का मिजाज
जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में जहाँ दिन भर धूप खिली रही, वहीं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में दोपहर एक बजे के बाद मौसम ने अचानक करवट बदली:
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हिमपात: नाबि, कुटी, गुंजी और कालापानी जैसे आदि कैलाश क्षेत्र के गांवों में हल्की बर्फबारी हुई। पंचाचूली, राजरम्भा और मिलम की चोटियां भी सफेद चादर से ढक गई हैं।
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बर्फबारी का रिकॉर्ड: इस सीजन में दारमा घाटी में अब तक 15 बार और व्यास घाटी में 10 बार बर्फबारी दर्ज की जा चुकी है। जनवरी में कम बर्फबारी के बाद मार्च और अप्रैल में हुए हिमपात ने ठंड का अहसास बढ़ा दिया है।
पर्यटन सीजन और आदि कैलाश यात्रा पर नजर
पर्यटन सीजन शुरू होने और ट्रेकिंग गतिविधियों के बढ़ने के कारण प्रशासन किसी भी जोखिम से बचने की तैयारी में है।
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अधिकारियों को सख्त निर्देश: अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कार्यक्षेत्र में मौजूद रहने और मोबाइल फोन 24 घंटे ऑन रखने के आदेश दिए हैं।
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यात्रा की तैयारी: दो दिन बाद ‘आदि कैलाश यात्रा’ शुरू हो रही है। बर्फबारी के कारण मार्ग बाधित न हो, इसके लिए राजस्व, ग्राम विकास और पंचायत अधिकारियों को सतर्क किया गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए हैं:
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सड़क संपर्क: बर्फबारी या बारिश से सड़कें बंद होने की स्थिति में उन्हें तत्काल खोलने के लिए मशीनरी को संवेदनशील पॉइंट्स पर तैनात किया गया है।
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पुलिस एवं वायरलेस: थाना-चौकियों को आपदा उपकरणों और वायरलेस व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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संवाद: उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को मौसम के प्रति लगातार अपडेट किया जा रहा है।
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